कल मेरा भाई अभिषेक मैदान से खेल कर आया और फिर आकर लेट गया। कुछ घण्टे के बाद जब मैं उसे खाना खाने के लिए बुलाने गई तो मैंने देखा कि उसका पूरा शरीर बुखार से तप रहा है। मैंने तभी थर्मामीटर से उसका बुखार चेक किया तो बुखार 103 डिग्री था। उसे अचानक इतना तेज़ बुखार था कि कुछ समझ नहीं आया मैं क्या करूँ। इसके अलावा उसकी सिर, पीठ और पैरों में भी बहुत दर्द हो रहा था। तभी मैं तुरन्त डॉक्टर को बुलाकर लाई और उन्होंने मेरे भाई का चेकअप किया। डॉक्टर ने बताया यह लक्षण वायरल फीवर के है। उन्होंने उसे दवाई दी और कुछ घरेलू उपाय भी बताए। जिससे 2 से 3 दिन में वह बिलकुल ठीक हो गया।

अगर आपके घर के किसी सदस्य में ये लक्षण नज़र आए तो इसे सामान्य बुखार समझकर इग्नोर करने की कोशिश करने के बजाय इन उपचार को ज़रूर अपनाएँ।

वायरल फीवर
Viral fever

वायरल बुखार

मौसमी बुखार यानि वायरल फीवर एक वायरल संक्रमण है। जिसमें संक्रमित विषाणु शरीर में तेज़ी से फैलते हैं। सामान्यतयः वायरल बुखार का पहला लक्षण ठंड लगना या 100 से 103 डिग्री तक बुखार होना है। वायरल फीवर से संक्रमित रोगी को अक्सर पूरे शरीर या पीठ और टांगों में दर्द होता है। इन दिनों मौसम में तेज़ी से परिवर्तन हो रहा है और जब मौसम के तापमान में उतार चढ़ाव होता है तो इससे शरीर का इम्यून सिस्टम थोड़ा कमज़ोर होने लगता है। जिससे शरीर वायरल फीवर जैसी बीमारियों का शिकार हो जाता है।

वायरल फीवर का उपचार

1. घर घर में पूजी जाने वाली तुलसी एंटी बायोटिक और एंटी बैक्टीरियल गुणों से युक्त है, इसीलिए यह आपको संक्रमण और वायरल फीवर से बचाने में सहायक है। इसीलिए रोज़ाना तुलसी की पत्तियां खाए।

2. तुलसी का काढ़ा बनाकर सेवन करें। चाय बनाते समय तुलसी की पत्ती और कालीमिर्च डालकर चाय का सेवन करें। इन उपाय को करने से वायरल बुखार से बचा जा सकता है।

3. मेथी वायरल फीवर के लिए एक रामबाण दवा है। 1/2 चम्मच मेथी के दाने में कुछ बूंद नींबू के रस और 1/2 चम्मच शहद मिलाकर सेवन करने से वायरल फीवर से कुछ हद तक राहत मिलती है।

Viral fever medicine
Viral fever medicine

वायरल फीवर होम रेमेडीज

4. सोंठ एन्टी-ऑक्सिडेंट गुणों से युक्त हैं जो हमे संक्रमण व रोगों से बचाने में सक्षम है। इसीलिए सोंठ का हरीरा बनाकर या काढ़ा बनाकर सेवन करें। इसके अलावा एक चुटकी सोंठ का चूर्ण, एक चुटकी हल्दी और एक चुटकी काली मिर्च पाउडर को मिक्स कर लें। अब इस मिश्रण को 1 चम्मच शहद और एक कप पानी में डालकर तब तक उबालें जब तक कि यह पककर आधा न हो जाये। अब इस काढ़े को दिन में चार बार पिए, इससे भी बुखार चला जाएगा।

5. वायरल फीवर के असर को कम करने के लिए नींबू के रस में शहद मिलाकर रोगी को सेवन कराए। यह एक बेस्ट घरेलू उपाय है और यह सामग्री हर घर में आसानी से उपलब्ध भी रहती है।

6. वायरल फीवर से बचने के लिए रोज़ाना धनिया की चाय बनाकर सेवन करें। धनिया की चाय बनाने के लिए एक गिलास पानी में एक बड़ा चम्मच धनिया के दाने डालकर थोड़ा उबाल लें। उसके बाद एक कप में छानकर स्वादानुसार थोड़ा-सा दूध और चीनी डालकर पीने से बुखार में राहत मिलती है।

ध्यान रहें इन दिनों किसी भी बुखार को सामान्य बुखार समझकर नज़रअंदाज करने के बज़ाय डॉक्टर को दिखाकर सलाह अवश्य लें।

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