एक्यूप्रेशर और एक्यूपंचर जिसके बारे में कुछ विशेषज्ञों का मानते हैं कि इसका आरम्भ लगभग 6,000 साल पहले भारत में हुआ था और जिसे चीनी व्यापारी अपने साथ चीन ले गए थे। सरल व सहज होने के कारण इस प्राकृतिक चिकित्सा को चीनी लोगों ने आसानी से अपना लिया और दूसरी तरफ़ भारत में अन्य पद्धतियों से प्रतिस्पर्धा के कारण इसका विलोप हो गया। इसके बाद इस चिकित्सा पद्वति को बौद्ध भिक्षु चीन से जापान ले गए। जापान के लोगों ने इसका नाम शिआत्सु रखा। जिसका संधि विच्छेद शि+आत्सु होता है जिसका जापानी भाषा में अर्थ है “शि”- अंगुली और “आत्सु” – दबाव अर्थात इस पद्धति में हाथों और अंगुलियों से प्रेशर दिया जाता है।

आज एक्यूप्रेशर चिकित्सा पद्धति द्वारा कई डॉक्टर तथा विशेषज्ञ गंभीर से गंभीर रोग का इलाज बिना दवा के आसानी से करते हैं और मरीज़ आसानी से रोग मुक्त होकर एक सामान्य जीवन व्यतीत करते हैं।

एक्यूप्रेशर और एक्यूपंक्चर

एक्यूप्रेशर की कार्य-प्रणाली

एक्यूप्रेशर _ Acupressure एक प्रबल क्रिया है जो रोगों से लड़कर मरीज़ के शरीर को स्फूर्ति प्रदान करती है। जब शरीर का कोई अंग बीमार हो जाता है तो उसका असर कुछ बिंदुओं पर पड़ता है और उन बिंदुओं पर हल्का-हल्का दर्द होने लगता है। इन बिन्दुओं पर जब प्रेशर या सुई के द्वारा छेदा जाता है तो वहां से एक विद्युत तंरगें उत्पन्न होती हैं। यही तंरगें शरीर के बीमार अंग तक पहुंचकर रोग को दूर करने का काम शुरू करती हैं। एक्युप्रेशर द्वारा शरीर की मांसपेशीय तंतुओं में भी लचक पैदा हो जाती है जिससे शरीर में रक्त का संचार बढ़ जाता है और रक्त शरीर के रोगग्रस्त अंगों तक पोषक तत्व पहुंचाने का काम करना शुरू कर देता हैं। एक्युप्रेशर एक ऐसी शक्ति मान सकते हैं जो शरीर के अन्दर से रोगों को दूर करने का काम करती है।

एक्‍यूप्रेशर और एक्युपंचर में अंतर

एक्यूप्रेशर और एक्यूपंचर _ Acupuncture इन दोनों पद्धति के नाम भले ही अलग हो, लेकिन ये दोनों पद्धति रोगों से लड़कर शरीर को स्वस्थ रखने का काम करती हैं। एक्युप्रेशर की प्रक्रिया में हाथों के अंगूठे व अन्य उपकरणों से दबाव डाला जाता है और दबावयुक्त मालिश भी की जाती है। वैसे एक्युप्रेशर का नाम दो नामों एक्यूस+प्रेशर से मिलकर बनाया गया है। लैटिन में एक्यूस का मतलब है सुई (नीडल) तथा प्रेशर का अंग्रेजी में मतलब चुभन व सुई जैसे दबाव डालना है। अर्थात् एक्युप्रेशर का मतलब रोगग्रस्त अंग पर सुई से प्रेशर या दबाव डालकर उस अंग को ठीक करना जिससे उस अंग में रक्त संचार अच्छे से होने लगता है और रोग छू मन्तर हो जाता है।

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इसी प्रकार एक्यूपंचर का नाम भी दो नामों एक्यूस तथा पंक्चर से मिलकर बना है। यहां पर एक्यूस का अर्थ है सुई तथा पंक्चर का अर्थ है छेदना या चुभाना। इस पद्धति में एक खास तरह कि चांदी की सूइयों का उपयोग किया जाता है। जिन्हें केंद्र बिंदुओं पर चुभाया जाता है।

इन दोनों प्रक्रियाओं से जटिल से जटिल रोगों को आसानी से दूर किया जाता है। इसलिए आज डॉक्टर या विशेषज्ञ इस पद्धति को अपनाकर जटिल रोग का इलाज कर रहे हैं।