भूकम्प के बाद आप, आपका परिवार और पड़ोसी सभी सुरक्षा और बचाव के लिए काम करते हैं। ऐसे में आपको भूकम्प आवश्यक और तुरंत की आवश्यकताओं को जुटा लेते हैं, तो आपको आगे की रणनीति पहले से बना लेनी चाहिए।

यदि भूकम्प अधिक तीव्रता का हो तो कई हफ़्तों तक भूकम्प के झटके (Aftershocks) महसूस होते रहते हैं। कुछ ऑफ़टरशॉक्स (Earthquake aftershocks) बड़े नुकसान कर सकते हैं। इसलिए सावधानी बरतनें की पूरी तैयारी कर लेनी चाहिए।

भूकम्प से बचाव (Earthquake disaster recovery) के लिए सबसे ज़रूरी है कि लोगों से सम्पर्क में रहें। इसके लिए बैटरी वाले रेडियो को अपने साथ हमेशा रखिए ताकि सुरक्षा सम्बंधित महत्वपूर्ण सूचनाएँ प्राप्त की जा सकें। यदि आपका मकान क्षतिग्रस्त हुआ हो तो आपको अपने इंश्योरेंस कम्पनी (Insurance company) से तुरंत सम्पर्क करना चाहिए ताकि इंश्योरेंस क्लेम (Insurance claim) की प्रक्रिया तुरंत शुरु हो जाए। भूकम्प के बाद सुरक्षा और बचाव के लिए सरकारी और ग़ैर सरकारी संस्थाओं द्वारा भी मदद की जाती है इसलिए राजकीय और लोकल एनजीओं के समपर्क में भी रहें।

भूकम्प के बाद रिकवरी होने में कई हफ़्तों से लेकर महीनों लग सकते हैं। इसलिए आप आगे बताये जा रहे सुरक्षा और बचाव के सभी इंतजाम पहले से ही कर लें।

भूकम्प के बाद सुरक्षा उपाय
Nepal Earthquake April, 2015

भूकम्प के अगले दिन क्या करें

1. आपदा योजना और किट (Disaster recovery plan and kit) तैयार कीजिए जिसमें सभी महत्वपूर्ण बातों को लिख लीजिए।
2. जब तक आपको निश्चितरूप से पता न हो कि घर में गैस लीक नहीं हो रही है तब घर में न जाएँ।
3. घर के अंदर जाना ही पड़े तो आग वाली चीज़ों जैसे लाइटर, माचिस, मोमबत्ती, मशाल आदि से रोशनी न करें। इसके बदले बैटरी वाली टॉर्च का प्रयोग करें।
4. साथ ही ध्यान रखें कि कोई इलेक्ट्रिकल और मिकैनिकल डिवाइस जैसे लाइट स्विच, जेनेरेटर, मोटरगाड़ी आदि को प्रयोग न करें जिससे चिंगारी निकालने की ज़रा सी भी सम्भावना हो।
5. घर के अंदर कैम्प स्टोव, गैस वाली लैनटर्न (लालटेन), चारकोल वाली मशाल या गैस जेनेरेटर आदि का प्रयोग न करें। क्योंकि ये चीज़ें काफ़ी मात्रा में कार्बन मोनो ऑक्साइड निकालती हैं और ऑफ़टरशाक्स के समय आगज़नी के ख़तरे को बढ़ा सकती हैं।

ऑफ़टरशॉक्स के समय बचाव के लिए गैस लीक, रसायनिक रिसाव, क्षतिग्रस्त इलेक्ट्रिकल वायरिंग और टूटे हुए पानी के पाइप को ज़रूर जाँच लें।

इसके साथ ही आवश्यक है कि –

– अपनी क्षतिग्रस्त प्रापर्टी (Damaged property) और घर की फ़ोटो खींच लें
– इंश्योरेंस एजेंट को फ़ोन करें और उसे क्लेम प्रक्रिया शुरु करने के लिए कहें। यदि आपने रिपेयरिंग करवा ली हो तो उसके बिल सम्भालकर रखें जिससे इंश्योरेंस क्लेम के साथ काम आ सकें।
– अपने पड़ोसियों की स्थिति जानें, ख़ासकर जो आपसे उम्र में बड़े और वृद्ध हों।

लोगों से सम्पर्क में रहें –

– इसके लिए रेडियो और टीवी समाचार सुनें जिससे आपको पता चल सके कि आप कहाँ ठहर सकते हैं, आपको कहाँ भोजन मिल सकता है, कहाँ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है, कहाँ आपको कपड़े और रुपये की मदद मिल सकती है।
– अपने फ़ोन को चार्ज करते रहें
– अपने से दूर सगे सम्बंधियों और रिश्तेदारों को अपने ताज़ा स्थिति की सूचना देते रहें और आवश्यकता न होने पर फ़ोन बंद कर दें। फ़ोन पर ज़्यादा लम्बी बात न करें जिससे फ़ोन लाइन खाली रहें अन्य लोग भी अपने रिश्तेदारों से सम्पर्क और सहायता प्राप्त कर सकें।

भोजन और पानी की व्यवस्था

– यदि बिजली की व्यवस्था न हो तो फ्रिज में रखी चीज़ों को पहले खा लें। फ्रिज के दरवाज़े को ज़्यादा समय के लिए न खोलें ताकि बाकी चीज़ें दो-चार दिन और चल जायें। पैकेज़्ड फ़ूड को सबसे आखिर में खाएँ।
– सुरक्षा बचाव की सूचना के लिए नियमित रेडियो सुनें।
– यदि आपके आस-पास नहीं है तो आप वाटर हीटर और बर्फ़ गलाकर पानी पी सकते हैं। खुले में मौजूद पानी को पीने से बचें।
– जहाँ घरों को नुकसान पहुँचा हो वहाँ खुले बर्तनों में रखे पानी को न ही पियें और न ही प्रयोग करें।

भूकम्प के बाद पहला हफ़्ता कैसे बितायें

यह बदलाव का समय होता है। हो सकता है कि आपको ऑफ़टरशॉक्स अभी परेशान कर रहे हों लेकिन आपने जीवन को सामान्य बनाने में घर-परिवार और ऑफ़िस के काम काज पर ध्यान देना चाहिए। अपने परिवार और पड़ोसियों के साथ इमोशनल तालमेल रखना चोट पर मरहम लगाने और क्षतिग्रस्त घर को सुधारने के बराबर ज़रूरी है। ध्यान से देखना ज़रूरी है कि क्या आपका घर रहने योग्य है और आगे आने वाले ऑफ़टरशॉक्स झेल सकता है। यदि भूकम्प के बाद आप अपने घर में लौटना चाहते हैं कि तो आपको ये ज़रूरी काम कर लेने चाहिए –

1. यदि आपके घर में गैस का कनेक्शन कट गया है या गैस का सिलिंडर ख़त्म हो गया है तो अपनी गैस कम्पनी से बात करें।
2. यदि आपके घर में बिजली नहीं है तो आपको अपने घर के सभी बिजली से चलने वाले यन्त्रों की जाँच करनी चाहिए।
3. यदि पानी की पाइप लाइन टूट गयी हो और उसे सही करायें।
4. सभी ज़रूरी काग़ज़ात को खोजिए और उन्हें सँभाल कर सुरक्षित जगह रखिए।
5. इंश्योरेंस कम्पनी से जल्द से जल्द सम्पर्क करके अपना क्लेम लीजिए।
6. अपने राज्य और स्थानीय भूकम्प और डिसास्टर रिकवरी संस्थानों से सम्पर्क स्थापित करके उनका सहयोग लीजिए।
7. अपने घर की मरम्मत ज़रूर करवा लीजिए ताकि वह ऑफ़टरशॉक्स झेल सके
8. अपने घर के सदस्यों की मानस्थिति के बारे में उनसे बात कीजिए। ज़रूरी होने पर काउंसर की सलाह का पालन कीजिए।
9. समुदायिक सहयोग पर पूरा ध्यान दीजिए जिससे रिकवरी प्रोसेस तेज़ हो सके।

अगर आपका घर अधिक क्षतिग्रस्त हो

भूकम्प के बाद यदि आपका घर रहने योग्य नहीं है तो आपको रहने के सुरक्षित स्थान चाहिए होगा लेकिन ध्यान दीजिए कि सभी पब्लिक शेल्टर्स में भारी भीड़ होती है और वहाँ खाने की चीज़ें अक्सर कम पड़ जाती हैं। यदि आपका घर रहने योग्य किया जा सकता है तो मरम्मत कराइए और वहीं रहिए। यदि आप कहीं और रहने जा रहे हैं तो अपने पड़ोसियों को जानकारी और अपना पता व सम्पर्क नम्बर देकर जाइए।

भूकम्प के बाद इमर्जेंसी किट का प्रयोग

 

दूसरे स्थान पर जाने से पहले ये इंतजाम कर लीजिए –

– व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार आपदा राहत किट बनाइए
– अपनी दवाइयाँ और चश्में साथ रखिए
– पानी और खाने पीने का सामान साथ रखिए
– कम्बल, चादर, तकिया, गद्दा आदि साथ रखिए
– कपड़े और जैकेट साथ रखिए
– रुमाल और तौलिया भी साथ रखिए
– बच्चों के लिए डाइपर और भोज्य पदार्थ साथ रखना मत भूलिए
– अपने परिवार की फैमली फ़ोटो साथ रखिए
– अपने सभी ज़रूरी काग़ज़ात साथ रखिए

अगर किसी अन्य जगह जायें तो ये चीज़ें साथ न ले जायें –

– पालतू जानवर साथ न ले जायें
– कोई भी फ़ालतू सामान अपने साथ न रखें
– ऐसे सामान जिनकी चोरी हो सकती है जैसे ज़ेवर और अधिक रुपये

इस भूकम्प में आपके साथ जो हुआ वो हमेशा याद रखें और सावधानियों पर पूरा ध्यान दें ताकि भविष्य में आप अपनी सुरक्षा और बचाव का बेहतर इंतजाम कर सकें।