ज़्यादातर महिलाएं सुबह से लेकर शाम तक काम में कुछ इस तरह व्यस्त रहती हैं। इसलिए वे अपने स्वास्थ का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखती हैं। जिससे उनके शरीर में धीरे धीरे उचित पोषक तत्व की कमी हो जाती है। इससे धीरे धीरे वे कई बीमारियों की शिकार हो जाती हैं। अगर महिलाएं अपने स्वास्थ का ख़याल नहीं रखेंगी और स्वयं ऊर्जावान नहीं होंगी तो फिर वे अपने परिवार का ख़याल कैसे सकेंगी।

महिलाओं पर अपने साथ साथ अपने परिवार की देखभाल की भी पूरी ज़िम्मेदारी होती है। इसलिए खाने में उचित पोषक तत्व, विटामिंस और मिनरल्स से भरपूर आहार का सेवन ज़रूरी हो जाता है, ताकि आप एनर्जेटिक रहें

आज हम आपको ऐसे ही कुछ पोषक तत्व और विटामिंस के बारे में बताने जा रहे हैं। जो महिलाओं के लिए बेहद ज़रूरी है…

महिलाओं के लिए पोषक तत्व

महिलाओं के लिए ज़रूरी पोषक तत्व

विटामिंस हमारे शरीर से फैट को जला कर ऊर्जा प्रदान करते है और मोटापे से बचाते हैं। यह थकान को दूर कर, शारीरिक व मानसिक कार्यक्षमता को बढ़ाते हैं। इसलिए महिलाओं को चुस्त व ऊर्जावान बनने के लिए ज़रूरी मिनरल्स व विटामिंस लेना चाहिए। एक शोध के मुताबिक महिलाओं के लिए विटामिंस का कुछ प्रतिशत प्रतिदिन लेना बेहद ज़रूरी है।

1. आयरन

आयरन महिलाओं के लिए ज़रूरी पोषक तत्व हैं। आयरन की पूर्ति के लिए हमें अपने आहार में चिकन, पालक, बींस, गुड़ तथा सभी तरह की हरी सब्ज़ियों को शामिल करना चाहिए।

आयरन की कमी से एनीमिया नामक रोग हो सकता है। यह शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए बेहद ज़रूरी है। यह हमारे शरीर को ऊर्जा को प्रदान कर, शरीर में ख़ून की कमी को रोकता है। इसके अलावा मस्तिष्क को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए मदद करता है।

2. कैल्शियम

कैल्शियम हड्डियों, दांतों और नाखूनों को मजबूती प्रदान करता है। यह ब्लडप्रेशर को नियंत्रित कर इसे सामान्य बनाए रखता है। कैल्शियम के कारण ही हमारा हृदय उचित प्रकार से स्पंदन कर पाता है। यह रक्त का थक्का बनाने में सहायक हैं। इसके अलावा कैल्शि‍यम प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के ख़तरे को भी कम करता है। कैल्शियम के कारण ही पेशियां उचित प्रकार से कार्य कर पाती है।

3. फॉलिक एसिड

इसका रासायनिक नाम टेरोईल गलूटैमिक है। फॉलिक एसिड महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और कोलोन कैंसर की संभावनाओं को कम करता है। इसके अलावा यह प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए बेहद ज़रूरी होता है। फ़ोलिक एसिड की कमी के कारण न्यूरल ट्यूब को नुकसान पहुंचता है, जिससे दिमाग़ पर असर पड़ता है। यह मुख्य रूप से हरी पत्तेदार सब्ज़ियों, दाल, जूस, बींस और काजू में पाया जाता है।

4. विटामिन बी 6

इसका रासायनिक नाम पाइरीडॉक्सिन है। यह विटामिन केले, शकरकंद, मांस, सेम, मछली, दलिया, नट, बीज, और सूखे फल आदि में मुख्य रूप से पाया जाता है। यह विटामिन स्वास्थ प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए बेहद आवश्यक है। यह नींद और भूख को नियंत्रित कर, नर्वस सिस्टम को सुचारू रूप से कार्य करने में मदद करता है। यह मैमोरी लौस, डिप्रेशन और हृदय रोग को कम करने में भी बेहद सहायक है।

5. विटामिन बी 12

इसका रासायनिक नाम साइनोकोबालमिन है। यह विटामिन मुख्य रूप से दही, मीट और अंडों में पाया जाता है। यह विटामिन प्रत्येक महिला के लिए बेहद आवश्यक है। यह विटामि‍न मेटाबॉलिज्म ,सामान्य कोशिका विभाजन और प्रोटीन संश्लेषण के लिए बेहद ज़रूरी है। इसके अलावा यह लाल रक्त कोशि‍काओं और हीमोग्लाेबिन के निर्माण में भी सहायक है।

6. विटामिन डी 3

यह विटामिन दांतों, हड्डियों और मांसपेशियों को दृढ़ता प्रदान करता है। इसके अलावा यह विटामिन ब्रेस्ट कैंसर और गर्भाशय के कैंसर से भी रक्षा करता है।

7. विटामिन सी

इसका रासायनिक नाम एस्कॉर्बिक एसिड है।इसकी कमी से स्कर्वी रोग हो जाता है। जिससे मसूढ़ों से ख़ून निकलने लगता है। यह टमाटर गाजर, आंवला, नींबू तथा खट्टे पदार्थों में मुख्य रूप से पाया जाता है। विटामिन सी महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभप्रद है। इसलिए महिलाओं को अपने आहार में टमाटर, गाजर, नींबू, आंवला आदि का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए। विटामिन सी त्वचा, बाल, आंखों और पूरे स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभप्रद है। यह हमारे शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है।

तो आज से बल्कि अभी से सभी महिलाएं अपने आहार में सभी ज़रूरी पोषक तत्वों और विटामिंस को ज़रूर शामिल करें, ताकि आप स्वस्थ और एनर्जेटिक रहें।