पिछले अंक में आपने निषेचन की प्रक्रिया और गर्भावस्था के प्रारम्भिक 3 सप्ताह में होने वाले परिवर्तनों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस अंक में हम गर्भावस्था के चौथे सप्ताह में भ्रूण के विकास पर चर्चा करेंगे। इस जानकारी से माँ बनने वाली स्त्री अपना और अपने होने वाले बच्चे का अच्छा ध्यान रख सकेगी। इस अवस्था में होने वाले परिवर्तनों को जानकारी होने से वह अपनी शारीरिक देखभाल के साथ-साथ खानपान का भी ध्यान रख सकेगी।

गर्भावस्था के चौथे सप्ताह में शुक्राणु और अंडाणु के मिलन से बना निषेचित अंडा अब गर्भाशय में स्थापित हो जाता है। भ्रूण धीरे-धीरे विकसित होता हुआ शिशु का रूप लेने लगता है।

गर्भावस्था के चौथे सप्ताह में भ्रूण का विकास

भ्रूण का विकास

गर्भधारण के चौथे सप्ताह इसे भ्रूण कहा जाता है। इस समय कोशिका विभाजित होकर नयी कोशिकाओं का निर्माण करती है। इन नई बनने वाली कोशिकाओं से आगे चल कर शिशु के विभिन्न अंगों का निर्माण होता है।

भ्रूण का अनुमानित आकार / Poppy seed

गर्भावस्था के चौथे सप्ताह में भ्रूण का आकार खस खस के दाने जितना बड़ा होता है। भ्रूण की कोशिकाएं 3 सतहों में होती हैं। न्यूरल टूब और अन्य नसें जिनसे मस्तिष्क, सतह से रीढ़ की हड्डी और मेरुदंड बनेगा, पहली सतह का निर्माण करती है। मध्य वाली सतह पर में हृदय और रक्तवाहिनियों का जाल दिखने लगता है। तीसरी सतह के अंदर फेफड़े, आँतें और मूत्र प्रणाली विकसित होने लगती है।

अंडे की ज़र्दी की थैली यानि Yolk Sac आपके शिशु के लिए लाल रक्त कोशिकाओं और पोषक तत्त्वों का निर्माण करता है। विकसित हो रही प्रारम्भिक नाल (Placenta) और अम्बिलिकल कॉर्ड (Umbilical cord) कुछ दिनों में शिशु को आहार देने का काम करने लगेंगी। सरल शब्दों में कहा जाए तो अभी भ्रूण माँ के शरीर से पोषण नहीं ले रहा है, परन्तु एक बार नाल और अम्बिलिकल कॉर्ड के पूर्ण विकसित हो जाने के बाद भ्रूण माँ के शरीर से पोषण लेना शुरू कर देगा।

पूर्ण रूप से विकसित प्लेसेंटा शिशु के लिए पोषक तत्त्वों का निर्माण करती है और वर्ज्य पदार्थों को बाहर निकाल देती है। जबकि अम्बिलिकल कॉर्ड शिशु को पोषक तत्त्व और ऑक्सीजन पहुँचाने का काम करती है।

अगर आपको गर्भवती होने के लक्षण लग रहे हैं तो आपको घर पर ही प्रेगनेंसी टेस्ट करना चाहिए, इससे आपको प्रेगनेंट होने की सही जानकारी मिल जाएगी। इसके अलावा कुछ अन्य लक्षण भी होते हैं, जिनसे प्रेगनेंसी का भान हो जाता है। आगे हम कुछ लक्षण बता रहे हैं –

गर्भावस्था के चौथे सप्ताह के लक्षण

  1. चौथे सप्ताह गर्भवती स्त्री ज़्यादा बदलाव महसूस नहीं करती है
  2. स्तन में थोड़ा सूजन और दर्द हो सकता है
  3. सर दर्द महसूस हो सकता है
  4. कमर में थोड़ा दर्द हो सकता है, यह वैसे ही है जैसा आपको मासिक धर्म के वक़्त होता है।

एक बार प्रेगनेंसी कंफ़र्म हो जाने के बाद आपको गायनो डॉक्टर से मिलकर अपना परीक्षण करना चाहिए और उनकी सलाह का पूरा पालना करना चाहिए। जिससे जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित और स्वस्थ रहें।

अगले अंक में हम गर्भावस्था के पांचवे सप्ताह के बारे में जानेंगे।