बदलते मौसम में बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी का गला ख़राब हो सकता है। ऐसा अक्सर वायरस और बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण होता है। इसके अलावा धूल, मिट्टी, पानी और तली भुनी चीज़ें खाने से प्रभावित होने की संभावना रहती है। ज़्यादा बातचीत करने, चीखने चिल्लाने, गाने का रियाज़ करने या ऊँची आवाज़ में बोल बोलकर पढ़ने से भी गला ख़राब हो सकता है। गले से जुड़ी समस्याओं को नज़रअंदाज़ करने की बजाय तुरंत सही उपचार करना चाहिए। प्राकृतिक आयुर्वेदिक उपाय गले में दर्द, खांसी, खराश और संक्रमण में काफ़ी राहत देते हैं।

गले में दर्द, सूजन, खांसी और संक्रमण
Gale ki samasya

गले में दर्द का इलाज

– 1 कप गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक और चौथाई चम्मच हल्दी डालकर गरारा करना फ़ायदेमंद रहता है। गरारे के आधे घंटे तक कुछ भी खाने पीने से परहेज़ करें।
– 1 गिलास गुनगुने दूध में आधा चम्मच हल्दी के साथ स्वादानुसार कालीमिर्च डालकर पीने गले में दर्द होने पर आराम मिलता है।
– गुनगुने पानी में इमली भिगोकर उसके पानी से कुल्ला और गरारा करने से गले में दर्द हो तो ठीक हो जाता है।
– पालक पानी में उबाल कर, इसमें से पानी छान लीजिए। इस पानी से गरारा करने से भी गले में दर्द नहीं रहता है।

गले की खराश दूर करने के उपाय

गले में टांसिल या फिर संक्रमण की वजह से खराश हो जाती है। इसके अलावा बदलता मौसम भी इसकी आम वजह है। गले की खराश 4 दिन से ज़्यादा नहीं रहती है, लेकिन अगर कुछ घरेलू उपाय कर लिए जाएँ तो तुरंत राहत मिल सकती है।

– खराश और सूजन को कम करने के लिए नमक के पानी से दिन में दो-तीन बार गरारे करने से यह समस्या ठीक हो सकती है।
– गले में दर्द हो तो 2 लहसुन की कलियाँ छीलकर उसे टॉफ़ी की तरह चूसें, इसका रस गले में पहुंचते ही आपको आराम महसूस होगा। लहसुन की कलियों से रस निकले इसके लिए दांतों से हल्के हल्के लहसुन को दबाना चाहिए।
– किसी बड़े भगोने में पानी उबालकर उसकी भाप मुँह पर लेने से गले की समस्यों में आराम मिलता है।
– सुबह उठकर सौंफ चबाने से बंद गला खुल जाता है और खराश भी दूर होती है।
– गले की सूजन कम करने के लिए 2 चम्मच प्याज का रस 1 गिलास गुनगुने पानी में डालकर सेवन कीजिए।

खांसी का उपचार

खांसी की समस्या सांस की नली, फेफड़ों, छाती और गले में इंफ़ेक्शन के कारण होती है। सांस और छाती से जुड़े किसी रोग के कारण खांसी होना सामान्य बात है। खांसी के इलाज के लिए डॉक्टर कफ़ सिरप लिखते हैं, लेकिन उनका असर धीमा होता है और उनको लेने के बाद नींद भी आती है। हम आपको खांसी का उपचार आयुर्वेदिक और घरेलू तरीकों से करना बता रहे हैं।

आयुर्वेदिक इलाज

– अदरक का छोटा टुकड़ा मुँह में रखकर चूसने से खांसी कुछ देर में बंद हो जाती है।
– अनार का रस गरम करके पीने से भी खांसी ख़त्म हो जाती है।
– 1 चम्मच अदरक और 1 चम्मच पान के रस में शहद मिलाकर हल्का गर्म करके पीने से काली खांसी बंद हो जाएगी।
– सूखी खांसी के लिए आधा चम्मच शहद में चौथाई चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर सेवन करने से लाभ मिलता है।

Cough and cold
Cough and cold

घरेलू इलाज

– सोते समय खांसी आने पर लौंग चबाने से खांसी बंद हो जाती है।
– तुलसी वाली चाय पीने से खांसी कम हो जाती है।
– हल्का गरम पानी पीने से बलगल निकल जाता है, जिससे गले की सूजन कम हो जाती है।
– कालीमिर्च, तुलसी और अदरक से बना काढ़ा सूखी खांसी में फ़ायदेमंद होता है।
– देसी घी में बना बेसन का हल्वा खाने से सूखी खांसी में राहत मिलती है।

खांसी होने पर परहेज़

– ठंडा पानी, दही और कोल्ड ड्रिंक का सेवन मत करें।
– फ़्रिज से निकालकर ठंडी चीज़ें तुरंत न खाएँ।
– चॉकलेट का सेवन करने से बचें।
– गरम चीज़ खाने के बाद ठंडी चीज़ मत खाएँ।
– तली भुनी मसालेदार और खट्टी चीज़ें न खाएँ।

गले संबंधित बीमारियों का रामबाण उपचार

गले में दर्द, खांसी, खराश, सूजन, टांसिक या अन्य किसी संक्रमण से बचने के लिए कच्ची हल्दी का प्रयोग सर्वोत्कृष्ट है। इसके लिए कच्ची हल्दी का रस गले में डालकर थोड़ी देर शांत बैठना चाहिए। ये रस लार के साथ गले में उतरेगा। एक ख़ुराक़ में ही आप आराम महसूस करेंगे। किसी भी तरह की खांसी में यह इलाज बहुत लाभकारी है।

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