आयुर्वेद में हल्दी एक महत्वपूर्ण औषधि है, इसका भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व है। शादी हो, खाना हो, आयुर्वेद हो या घरेलू उपचार, हल्दी का उपयोग सभी जगह देखा गया है। हल्दी को आयुर्वेद में हरिद्रा व रजनी कहते हैं, इसे हिंदी में हल्दी, फ़ारसी में जर्द चोब तथा इंग्लिश में टर्मरिक _ Turmeric कहते हैं। इसका लैटिन नाम करकूमा डोमेस्टिका _ Curcuma Domestica हैं। यह Zingiberaceae परिवार का पौधा है। इस पौधे की जड़ को ही हम हल्दी कहते हैं और इसका इस्तेमाल मसाले और घरेलू दवा के रूप में करते हैं। रसोई घर के मसालों में भी हल्दी का प्रमुख स्थान है। हल्दी का उपयोग सौन्दर्य निखारने में भी किया जाता है। आज हम हल्दी के गुण और लाभ के बारे में जानेंगे।

हल्दी के गुण

हल्दी के गुण और लाभ

1. हल्दी – एक औषधि

हल्दी तिक्त, कड़वी, सूखी, शरीर के रंग को निखारने वाली तथा कई रोगों में लाभकारी होती है। हल्दी में रक्त को शुद्ध करने का गुण भी होता है। यह शरीर के रक्त को शुद्ध करके शरीर के रंग को सुंदर बनाती है। इसके अलावा कई रोगों का शमन करने की शक्ति का गुण भी हल्दी में पाया जाता है। हल्दी के सेवन से बुढ़ापा और अन्य रोग दोनों ही दूर होते हैं। पीलिया के रोग में हल्दी का रस बहुत लाभदायक होता है।

2. सूजन कम करे

हल्दी के गुण और तत्वों में सूजन कम करने और दर्द को जल्दी ठीक करने की क्षमता होती है। यहाँ तक की गठिया जैसी बीमारी में भी इसके सेवन से फ़ायदा मिलता है। शोध के अनुसार हल्दी में सूजन और दर्द का निवारण करने की क्षमता विद्यमान होती है। शरीर के किसी भी अंग में चोट के कारण सूजन हो तो हल्दी, पुरानी मिट्टी और नमक को एक साथ पीसकर आग पर गर्म करें। फिर सहने योग्य गर्म होने पर सूजन वाले स्थान पर लेप लगा दें। इससे सूजन और दर्द दोनों में आराम मिलेगा।

3. प्रतिऑक्सीकारक क्षमता बढ़ाये

हल्दी में कुछ ऐसे गुण विद्यमान होते हैं जो शरीर की प्रतिऑक्सीकारक _ एंटी ऑक्सीडेंट क्षमता को बढ़ाते हैं।

4. मस्तिष्क क्षमता बढ़ाये

शोध से यह सामने आयी है कि एक हॉर्मोन Brain-Derived Neurotrophic Factor मस्तिष्क की नयी कोशिका को बनाने में मदद करता है। हल्दी का एक तत्त्व कुर्कुमिन मस्तिष्क में इस BDNF हार्मोन के स्तर को बढ़ाने में सहायक होता है। इसलिए अपने खानपान में हल्दी का सेवन ज़रूर करें। आज से ही एक गिलास हल्दी वाला दूध आप रोज़ पिएँ, और आपके मस्तिष्क को तेज़ बनाएँ। साथ ही साथ इससे यौवन भी बना रहता है।

5. हृदय रोग से बचाव

हल्दी में हृदय सम्बंधित बीमारियों से बचाने की क्षमता होती है। हल्दी में पाया जाने वाला कुर्कुमिन तत्व का सीधा असर रक्त नलिका की आंतरिक सतह पर होता है। एक शोध से यह बात स्पष्ट हुई है कि जिन लोगों ने कुर्कुमिन का प्रयोग किया, उनमें हृदयाघात होने की संभावना 65% तक कम पाई गयी, इसलिए हल्दी के गुण का लाभ लेने के लिए इसका सेवन प्रतिदिन करें।

6. कैंसर रोधी क्षमता बढ़ाये

वैसे तो कैंसर कई प्रकार के होते हैं, परन्तु यह पाया गया है कि कुर्कुमिन में कैंसर की सेल्स को फैलने से रोकने की क्षमता होती है। शोध में पाया गया है कि यह कैंसर में रक्त संचार को रोकता है और कैंसर कोशिका को ख़त्म करने में मदद करता है। लेकिन हल्दी का इस्तेमाल पूरी तरह से कैंसर को ठीक करने के लिए नहीं किया जा सकता है। परन्तु प्रारम्भ से ही प्रयोग करने पर यह कैंसर की सम्भावना को कम कर देता है।

7. अल्ज़ाइमर रोग से बचाव

बुढ़ापे में याददाश्त का कम हो जाना एक आम समस्या है। विज्ञान में इसे अल्ज़ाइमर रोग कहा जाता है। हल्दी में कुर्कुमिन तत्त्व है, रक्त के माध्यम से मस्तिष्क की कोशिकाओं तक पहुँचकर प्रतिऑक्सीकारक क्षमता के कारण कोशिकाओं की स्थिति को ठीक करने में सक्षम है ।

8. गठिया में फ़ायदेमंद

हल्दी के तत्व में सूजन कम करने की व शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत करने की क्षमता विद्यमान होती है। साथ ही साथ प्रतिऑक्सीकारक क्षमता की वजह से यह स्वस्थ कोशिका को मृत होने से बचाता है। इन्हीं सब गुणों के कारण हल्दी गठिया जैसे रोग में आराम दे सकता है।

9. टॉनिसल वृद्धि का शमन

हल्दी का 5 ग्राम चूर्ण का सेवन दिन में 3 से 4 बार करने से टॉनिसल वृद्वि का शमन होता हैं।

10. जवान बनाये

हल्दी आपको अल्ज़ाइमर रोग से ही नहीं बचाती है, बल्कि कैंसर रोग से भी लाभ देती है। हृदयाघात की सम्भावना को कम करने के साथ साथ गठिया रोग में भी आराम पहुँचाती है। अगर आप रोग मुक्त रहेंगे और स्वस्थ रहेंगे, तो आपका यौवन ज़्यादा दिनों तक बना रहेगा। अपने खाने और पीने में हल्दी का नियमित सेवन करें और सम्भव हो तो रोज़ हल्दी वाला दूध अवश्य पियें। इससे आपको पूरा स्वास्थ्य लाभ मिलगा।

आप हल्दी के गुण और लाभ से परिचित हो चुके हैं, अन्य लोग भी इसका लाभ ले इसलिए इसे सोशल मीडिया पर ज़रूर शेअर करें।