आज समाज में उच्च रक्त चाप और निम्न रक्त चाप गंभीर समस्या बन रही है। इन्हें आप क्रमश: हाइ ब्लड प्रेशर और लो ब्लड प्रेशर के नाम से जानते हैं। जीवनशैली में अनियमिता इस बीमारी का प्रमुख कारण है। गड़बड़ खानपान, गैस की समस्या, अच्छी नींद न सो पाना और नमक का अधिक सेवन करने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल से बाहर हो जाता है। जब दिल को शरीर की नसों रक्त भेजने पर अधिक पड़ने लगता है, तब इसे हाइ ब्लड प्रेशर कहते हैं।

हाइ ब्लड प्रेशर शरीर के विभिन्न अंगों को नुक़सान पहुंचाने लगता है, जैसे मस्तिष्क, आंखें, हृदय और गुर्दा आदि। उच्च रक्त चाप के रोगी को दिल का दौरा पड़ने, नस फटने और किडनी फ़ेल होने का ख़तरा रहता है। रोगी को किसी भी वजह से ब्लड प्रेशर नहीं बढ़ने देना चाहिए।

हाइ ब्लड प्रेशर के लक्षण

– रक्त चाप बढ़ते ही सिर घूमने लगता है, चक्कर आने लगते हैं
– शरीर में कमज़ोरी महसूस होती है
– काम करने की इच्छा कम हो जाती है

इस लेख में हम आपको हाइ ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के घरेलू उपाय बतायेंगे। जिससे आप बिना दवा खाये बीपी कंट्रोल कर सकेंगे। साथ में योग करके ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने की जानकारी भी पायेंगे।

हाइ ब्लड प्रेशर कंट्रोल करना

हाइ ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के आयुर्वेदिक उपाय

1. सर्पगंधा, आंवला, गिलोय, अर्जुन वृष की छाल और आशखंड समान मात्रा में मिलाकर चूरन बनायें। इस चूरन को दिन में दो बार पानी के साथ लेने से ब्लड प्रेशर सामान्य हो जाता है।

2. सर्पगंधा को पीसकर रख लें। सुबह शाम 2-2 ग्राम सेवन करने से उच्च रक्त चाप सामान्य होता है।

3. 1 ग्राम सूखा धानिया, 1 ग्राम सर्पगंधा और 2 ग्राम मिश्री को पीसकर चूरन बनायें। इसे ताज़े पानी के साथ पीने से हाइ ब्लड प्रेशर कंट्रोल करना संभव है।

4. रोज़ाना सुबह ख़ाली पेट आधा कप गौ मूत्र पिएं। इससे हाइ ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

5. रात को सोने से पहले आधा चम्मच मेथी दाना 1 गिलास गरम पानी में भिगो दें। सुबह इस पानी को पिएं और मेथी को चबा चबाकर खायें। हाइ बीपी जल्दी कम हो जाएगा।

6. तरबूज़ खाने से भी हाइ ब्लड प्रेशर कंट्रोल किया जा सकता है।

7. लीची खाना भी लाभकारी माना गया है।

8. दिल की कमज़ोरी दूर करनी हो तो 25 ग्राम शहतूत का शरबत बनाकर दिन में 2 बारी पीना चाहिए।

9. गाजर का मुरब्बा भी लाभकारी रहता है।

10. गेहूँ की बासी रोटी सुबह दूध में भिगोकर खाने से हाइ ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।

लो ब्लड प्रेशर का इलाज

1. 150 मिली पानी में 32 किशमिश के दाने भिगो दें। 12 घंटे बाद भिगी किशमिश को 1-1 करके आधा मिनट तक चबाकर खायें। निम्न रक्त चाप में बहुत लाभ मिलेगा।

2. गाजर के रस में शहद मिलाकर पीने से लो ब्लड प्रेशर की समस्या ख़त्म होती है।

3. गाजर का मुरब्बा भी लाभकारी है।

4. प्रतिदिन सुबह 5 तुलसी के पत्ते और 2 काली मिर्च के दाने खाने से वात रोग समाप्त होता है। जिससे शरीर में रक्त संचार सही होता है।

5. लो बीपी की समस्या में गुड़ लाभकारी होता है। 1 गिलास पानी में गुड़, नींबू का रस और नमक घोलकर पीने से रक्त चाप सामान्य हो जाता है। इस उपाय को दिन में 3 बार करें।

योग से रक्त चाप कंट्रोल करना

– योग करने से तनाव और शरीर में रक्त संचार सुचारु रहता है।
– खानपान पर जितना ध्यान दें, उतना ही नियमित योग भी करें। इससे शरीर में रक्त संचार सही से होगा और दिल का दौरा पड़ने का ख़तरा भी कम होगा।
– प्राणायाम और ध्यान करने से उच्च रक्त चाप कम होता है।
– हाइ बीपी के रोगी को अनुलोम विलोम और योग में सुखासन और शवासन करना चाहिए।

होम्योपैथी से हाइ ब्लड प्रेशर का इलाज

होम्योपैथी दवाइयां भी उच्च रक्त चाप ठीक करने में असरदार रहती हैं। लेकिन होम्योपैठीक दवाओं का सेवन लम्बे समय तक डॉक्टरी निगरानी में करना पड़ता है। हाइ ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने की 5 होम्योपैथिक दवाओं के नाम हैं:

1. Belladonna
2. Nuc Vomica
3. Natrum Mur
4. Glonine
5. Rauwolfia

उच्च रक्त चाप में खानपान

– हाइ बीपी के रोगी को गेहूँ के साथ पिसे चने के आटे की रोटी चाहिए।
– सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस का सेवन करें।
– खान पान में तली भुनी और बाज़ारू चीज़ों से परहेज़ कीजिए।