व्यस्त जीवनशैली, ग़लत खानपान, शरीर में पोषक तत्वों की कमी और बचपन की ग़लत आदतों के कारण पुरुषों में मर्दाना कमज़ोरी होना एक आम तकलीफ़ है। नपुसंकता यानि Impotence एक ऐसी सेक्शुअल प्रॉब्लम है जिसके कारण पुरुष को अपनी महिला पार्टनर के साथ शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। इस बीमारी के कारण व्यक्ति महिला साथी से दूर रहने लगता है और दामपत्य जीवन का आनंद नहीं ले पाता है। सेक्स लाइफ़ में इस अधूरेपन के कारण मनमुटाव और तलाक़ तक की नौबत आ जाती है। आइए नपुंसकता के कारण और उपचार की विधियाँ जानते हैं।

कई बार नपुंसकता शारीरिक समस्या न होकर मनोवैज्ञानिक होती है। अक्सर कई पुरुष घबराहट, शर्म, मानसिक बीमारी या किसी डर के कारण समय पर उत्तेजित नहीं हो पाते हैं। इसी वजह से वो अपनी पार्टनर के क़रीब नहीं जाते हैं। इस तरह शारीरिक कमी न होते हुए भी यह तकलीफ़ आपको नपुंसकता का भार दे देती है।

नपुंसकता के कारण
Impotence reasons

नपुंसकता क्या है?

– पुरुष के लिंग में उत्तेजना न आना, उत्तेजना आने के बाद जल्दी शांत हो जाना या फिर वीर्य जल्दी स्खलित हो जाना नपुंसकता का रोग है।

– जिन पुरुषों में सेक्स करने की इच्छा के लिए उत्तेजना नहीं होती है वो पूरी तरह नपुंसक होते हैं। लेकिन जो पुरुष उत्तेजना के बाद किसी घबराहट या किसी अन्य वजह से जल्दी स्खलित हो जाते हैं, उन्हें आंशिक नपुंसक कहते हैं।

नपुंसकता के कारण

नपुंसकता दो कारणों से होती है – शारीरिक और मानसिक। ज़्यादा तनाव लेना, चिंता करना, मानसिक विकार जैसे डिप्रेशन और शारीरिक कमज़ोरी भी नपुंसकता के लिए ज़िम्मेदार है। इसके अतिरिक्त और भी नपुंसकता के कारण हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं:

– हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ और हृदय रोग जैसी बीमारियों के कारण नपुंसकता हो सकती है।

– शारीरिक रूप से स्वस्थ होते हुए भी हार्मोंस में बदलाव नपुंसकता का कारण बन जाता है।

– दुर्घटना के किसी नस के कटने या मेरुदंड में चोट लगने से भी इम्पोटेंस की समस्या हो सकती है।

– स्टेरॉयड लेने से कोई भी व्यक्ति इम्पोटेंट हो सकता है। अक्सर वर्कआउट करने वाले और खिलाड़ी अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए स्टेरॉयड लेते हैं, जो कि एक ग़लत बात है। इससे वो जीवन भर के लिए नपुंसक हो सकते हैं। इसलिए इसका सेवन करने से बचना चाहिए। लगातार इसके प्रयोग से वीर्य और शुक्राणु बनना बंद हो जाते हैं।

– आज बहुत से लोग लैपटॉप को अपने प्राइवेट पार्ट यानि यौन अंगों के क़रीब रखकर इस्तेमाल करते हैं। लैपटॉप से निकलने वाली गर्मी भी इम्पोटेंस का कारण बन सकती है। इसलिए टेबल पर बैठकर काम करने की आदत डालिए।

– हस्तमैथुन की आदत हो जाने और स्वप्न दोष का इलाज न करने से भी शुक्राणुओं की संख्या घट सकती है।

नपुंसकता के लक्षण

– संभोग के समय जल्दी स्खलित हो जाना।

– अपने पार्टनर से सेक्स करने की बात सोचकर ही स्खलित हो जाना या नाइटफ़ॉल अधिक होना नपुंसकता की निशानी है।

– संभोग के समय लिंग शिथिल रहना या उसका देर तक कठोर न रहना।

इम्पोटेंट
Impotent Sign

इम्पोटेंस हेल्थ टिप्स

– हमारे समाज में जब दम्पत्ती को कई सालों तक बच्चा नहीं होता है तो इसके लिए स्त्री को दोषी माना जाता है। समाज में उसे लोग बांझ कहकर बुलाने लगते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक सर्वे के मुताबिक इस तरह के मामलों में फ़ीमेल इनफ़र्टिलिटी के मुक़ाबले मेल इनफ़र्टिलिटी अधिक होती है। इसलिए नपुंसकता के कारण जानना आवश्यक है।

– अगर आपको नपुंसकता के बारे में संदेह है तो आप तुरंत डॉक्टरी परामर्श लें। ऐसे मामलों में देसी प्राकृतिक घरेलू उपचार और आयुर्वेदिक उपाय बहुत लाभदायक होते हैं। इनसे आशातीत परिणाम मिलते हैं और साइड इफ़ेक्ट भी नहीं होते हैं। एक्सरसाइज़ और प्राकृतिक हरियाली के नज़दीक़ घूमने से काफ़ी फ़ायदा मिलता है।

– इम्पोटेंस की प्रॉब्लम उम्र बढ़ाने के साथ साथ भी आती है। साथ ही साथ यौन इच्छा में भी कमी होने लगती है।

– वीर्य में स्पर्म काउंट घट जाने से पुरुष बच्चा पैदा करने में असक्षम हो जाता है और पिता नहीं बन पाता है।

जानिए इमोटेंसी का आयुर्वेदिक इलाज

वायाग्रा क्या है?

नपुंसकता को छिपाने के लिए कई लोग वायाग्रा का प्रयोग करते हैं। यह लम्बे समय तक लिंग को उत्तेजित रखती है, जिससे संभोग का सुख लेने में मदद मिलती है। पर ये अस्थाई सुख है। अगर आपको किसी बीमारी के इलाज के लिए कोई दवाइयाँ खा रहे हैं तो वायाग्रा खाने से पहले अपने डॉक्टर से पूछें। वो आपको इसे लेने की सही मात्रा और इसके साइड इफ़ेक्ट्स की भी जानकारी देगा।

नपुंसकता के उपाय करने के लिए कुछ लोग लिंग या मूत्र नली में इंजेक्शन से मेडिसिन डालते हैं। डॉक्टरी परामर्श के बिना ऐसे प्रयोगों से बचें। वरना लेने के देने भी पड़ सकते हैं।