बिल्कुल शरीर की तरह ही हमारे मस्तिष्क को नियमित व्यायाम की आवश्यकता पड़ती है। अगर आपको अपना मस्तिष्क चुस्त और दुरुस्त रखा है तो दिमाग़ी क़सरत तो करनी ही पड़ेगी। एक सामान्य व्यक्ति अपने जीवन काल में सिर्फ़ 5 से 6% ही दिमाग़ का उपयोग करता है। आप दिमागी कसरत से अपने सोचने समझने की क्षमता के साथ अपनी याद रखने क्षमता भी बढ़ा सकते हैं। नई रिसर्च के अनुसार सुडोकू और क्रासवर्ड जैसी पहेलियाँ हमारी याददाश्त बढ़ाने में मददगार साबित होती हैं। आज आपको ऐसी दिमाग़ की एक्सरसाइज़ करने की ट्रिक्स बता रहे हैं।

याददाश्त बढ़ाने के टिप्स

याददाश्त बढ़ाने के उपाय

1. मल्टीटास्किंग

मल्टीटास्किंग यानी कि एक साथ कई काम करना, दिमाग़ की कसरत करने का अच्छा तरीका है। इसलिए दिन में कुछ समय मल्टीटास्किंग भी करें, यह मस्तिष्क को तीव्र करके याददाश्त बढ़ाने में सहायक होता है। जैसे कि एक्सरसाइज़ के साथ म्यूज़िक सुनना आदि। लेकिन ध्यान रहे कि मल्टीटास्किंग के साथ-साथ अच्छी डाइट व पूरा आराम भी ज़रूरी है, वरना आप स्ट्रेस का शिकार हो सकते हैं।

2. पूरी नींद

हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा की गई एक रिसर्च में पाया गया कि जब हम चैन की नींद सोते हैं तो हमारी याददाश्त, घटनाओं को याद रखने का काम करती है। इससे दिमाग़ की कसरत होती है।

3. फ़िटनेस

एरोबिक एक्सरसाइज़ से शरीर तो तंदरुस्त बनता ही है, साथ ही दिमाग़ की कोशिकाओं यानी न्यूरॉन्स का भी निर्माण होने लगता है। दौड़ने से दिमाग़ में कोशिकाएँ बनने लगती हैं। कार्डियो एक्सरसाइज़ से दिमाग़ का वो हिस्सा एक्टिव होकर काम करता है, जो याददाश्त बढ़ाने और नई चीजें सीखने के लिए ज़रूरी है।

4. पहेलियाँ

हाल में हुई एक रिसर्च के दौरान यह पता चला है कि क्रॉसवर्ड या सुडोकू जैसी पहेलियाँ या माइंड गेम्स रोज़ाना खेलने से याददाश्त बढ़ाने में कारगर होती है। साथ ही ये मानसिक बीमारियाँ जैसे स्ट्रेस और डिप्रेशन दूर रखने में मदद करती हैं। ब्रेन गेम दिमाग़ की बेहतरीन कसरत होते हैं।