बरसात का मौसम शुरू हो गया है और इस मौसम में जामुन के फल आने लगे हैं। जामुन जिसका स्वाद थोड़ा अम्लीय और थोड़ा मीठा होता है लेकिन स्वास्थ्य के लिए यह बहुत फ़ायदेमंद होता है।अगर आप भी इसके औषधीय गुणों और इसके लाभ के बारे में जानेगें तो यक़ीनन जो जामुन नहीं खाते है वे भी जामुन को खाना शुरू कर देंगें और खाएं भी क्यों न, जामुन को खा करके वे कई रोगों को दूर भगाकर एक स्वस्थ जीवन भी जी सकते है।तो आइये आज जामुन के फल, जामुन के पत्ते, जामुन की गुठली और जामुन के सिरके के लाभ के बारें में जानेगें।

जामुन के फल और उसके पोषक तत्व

जामुन का वैज्ञानिक नाम Syzygium Cumini है। बैंगनी रंग के जामुन को कई नामों से जैसे जामुन, राजमन, काला जामुन, जमाली, ब्लैकबेरी आदि नाम से जाना जाता है।

जामुन के फल में ग्लूकोज और फ़्रैक्टोज़ दो मुख्य स्रोत होते हैं। अन्य फलों की तुलना में यह कम कैलोरी प्रदान करता है। एक मध्यम आकार का जामुन 3-4 कैलोरी देता है। इसके फल के बीज में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और कैल्शियम के साथ साथ खनिज की अधिकता होती है। यह आयरन का बड़ा स्रोत है। इसमें विटामिन बी, कैरोटिन, मैग्नीशियम और फ़ाइबर जैसे तत्व विद्यमान है।

जामुन के फल

जामुन के फ़ायदे

पोषक तत्वों से परिपूर्ण

जामुन के फल में विभिन्न प्रकार के मिनरल जैसे कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और विटामिन सी भरपूर मात्रा में मौजूद होते है।

आयरन का स्रोत

अगर किसी को एनीमिया रोग हो जाएं तो उसे जामुन के फल का सेवन कराएं क्योंकि यह उसके लिए संजीवनी बूटी की तरह काम करेगा। एक शोध के अनुसार इसके नियमित सेवन से रक्त में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ता है।

पोटैशियम की अधिकता

जामुन में पोटैशियम की मात्रा की अधिकता है। 100 ग्राम जामुन के सेवन से शरीर को 55 मिलीग्राम पोटैशियम मिलता है। इससे दिल का दौरा, हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक आदि की समस्या भी कम हो जाती है।

जामुन के पत्ते

1. जामुन के फल ही नहीं बल्कि इसके वृक्ष की जड़ से लेकर पत्ती तक सभी उपयोगी है। आयुर्वेद में इसकी पत्तियों का उपयोग पाचन ठीक करने में इस्तेमाल किया जाता है। जामुन शरीर की पाचन शक्ति को मज़बूत बनाता है। जिससे पेट से सं‍बंधित विकार दूर हो जाते हैं।

2. इसके ताज़े नरम पत्तों को गाय के 250 ग्राम दूध में पीसकर प्रतिदिन सुबह पीने से बवासीर में लाभ मिलता है।

3. जामुन के पत्तों की राख को मंजन के रूप में उपयोग करने से दाँत और मसूड़े मजबूत होते हैं।

4. पानी में एक जामुन के कोमल पत्तों को पीसकर पिलाने से अफ़ीम का नशा दूर हो जाता है।

5. जामुन के पत्ते चबाकर उसका रस चूसने से मुंह में बदबू आना बंद हो जाता हैं।

जामुन की गुठली के फ़ायदे

1. जामुन का गूदा पानी में घोलकर पीने से उल्टी, दस्त, जी-मिचलाना आदि समस्या दूर हो जाती है।

2. मधुमेह रोगी अगर 1-2 ग्राम जामुन की गुठली के चूर्ण को पानी के साथ सुबह फांके तो मधुमेह रोग ठीक हो जाता है।

3. अक्सर नए जूते पहनने पर पांव में छाला या घाव हो जाता है तो अगर आपको भी यह समस्या हो गई हो तो उस घाव या छाले पर जामुन की गुठली घिसकर लगाने से घाव ठीक हो जाता है।

4. पेचिश हो जाने पर जामुन की गुठली के चूर्ण को एक चम्मच मात्रा में दिन में दो-तीन बार लेने से पेचिश रोग में आराम मिलता है।

जामुन की छाल

1. छोटे बच्चों को दस्त होने पर जामुन की ताज़ी छाल का रस, बकरी के दूध में उबालकर ठंडा कर के पिलाने से बहुत लाभ मिलता है।

2. गठिया के उपचार में भी जामुन बहुत उपयोगी है। इसकी छाल को उबालकर इसे गाढ़ा घोल बना लें और इस घोल के लेप को घुटनों पर लगाने से गठिया रोग में आराम मिलता है।

जामुन का सिरका

जामुन का सिरका गुणकारी और स्वादिष्ट होता है, इसे घर पर ही आसानी से बनाया जा सकता है और कई दिनों तक उपयोग में लाया जा सकता है। कब्ज़ और उदर रोग में भी जामुन का सिरका बड़ा फ़ायदेमंद है।

ध्यान रखने योग्य बात

जामुन हमेशा खाना खाने के बाद खाएं। इसका दूध के साथ सेवन न करें क्योंकि दूध के सेवन सेहत को नुकसान पहुँचा सकता है।