मच्छर जनित और जनित बीमारियों से बड़ा ख़तरा रहता है। इनमें एक्यूट इंसेफ़्लाइटिस सिंड्रोम _ Acute Encephalitis Syndrome, जापानी इंसेफ़्लाइटिस _ Japanese Encephalitis व मेननजाइटिस _ Meningitis जैसी बीमारियों से जान पर बन आती है। इनके सामान्य नाम मस्तिष्क ज्वर या दिमाग़ी बुखार भी हैं। इस बीमारी से अपंगता हो जाती है। 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे इसकी चपेट में आते हैं। धान की खेती के समय उस क्षेत्र में दिमागी बुखार का खतरा रहता है। ऐसे में आवश्यक है कि आप चिकित्सक की सलाह से टीकाकरण कराएँ और सतर्कता बरतें। भारत में 182 ज़िले इस बीमारी की चपेट में हैं।

Japanese encephalitis, मस्तिष्क ज्वर, दिमागी बुखार

घातक जापानी इंसेफ़्लाइटिस

जब किसी व्यक्ति को क्यूलेक्स मच्छर काट लेता है तो उसको जापानी इंसेफ़्लाइटिस या जेई हो जाता है। इसे मस्तिष्क ज्वर भी कहते हैं। इससे प्रभावित व्यक्ति के मस्तिष्क के अंदर पेरेनकाइमा _ Brain Parenchyma में सूजन हो जाती है। जिससे ब्रेन स्टेम और थैलमा को नुक़सान होता है। यह समस्या व्यक्ति कोमा में जा सकता है। इस बीमारी में ऑर्गन फ़ेल्योर का डर रहता है, जिससे पीड़ित की मृत्यु भी हो सकती है।

घातक एईएस और मेननजाइटिस

मेननजाइटिस और एईएस भी एक तरह का मस्तिष्क ज्वर होता है। इस तरह का बुखार पीड़ित व्यक्ति के मस्तिष्क की कार्य प्रणाली या उसकी जागरुकता को 14 दिन में प्रभावित कर देता है। लेकिन जब ब्रेन की परत कार्टिक्स में सूजन आ जाए तो इसे मेननजाइटिस कहते हैं।

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मस्तिष्क ज्वर का कारण

एईएस मस्तिष्क ज्वर का प्रमुख कारण होता है। इसी के दूसरे प्रकार जेई और मेननजाइटिस हैं। यह बीमारी वायरस, बैक्टीरिया और संक्रमण से होती है।

मस्तिष्क ज्वर के लक्षण

तेज़ बुखार, सिर दर्द, लाल आंखें, थकान, चिड़चिड़ापन, मुंह से झाग निकलना, झटके लगना, बेहोशी, सांस लेने में दिक्कत, दांत बंध जाना, आंखें चढ़ जाना, हाथों पैरों में अकड़न आदि मस्तिष्क ज्वर के लक्षण हैं।

मस्तिष्क ज्वर की जांच

  1. दिमाग़ी बुखार की पुष्टि के लिए ख़ून की जांच और सीएसएफ़ की जांच की जाती है।
  2. ब्रेन का सीटी स्कैन कराना बहुत आवश्यक है।

आप भी इस बीमारी से सतर्क रहें और लोगों के साथ इस पोस्ट को शेअर करके उनमें चेतना जागृत करें।