भारत में प्रकृति की पूजा आरम्भ से ही की जाती है क्योंकि माना जाता है कि प्रकृति के पास हर रोग की दवा है। आयुर्वेद वह चिकित्सीय विज्ञान है जिसमें पेड़-पौधों के विभिन्न भागों जैसे फूल, फल, जड़, छाल आदि को रोग निवारक दवा के रूप में प्रयोग किया जाता है। विश्व के सभी देश ऐसी अनेक प्रकृति सम्पदाओं से सम्पन्न है जो बड़ी से बड़ी बीमारी के इलाज में काम आती हैं। आइए जानें ये 10 औषधीय पौधे कौन से से हैं जो रोग निवारक दवा हैं –

10 औषधीय पौधे

अदरक । Ginger

अदरक के औषधीय पौधे

अदरक भारतीय किचेन का अहम हिस्सा है। भारतीय व्यंजनों में इसका प्रयोग बहुतायत होता है क्योंकि यह भूख और पाचन क्षमता को बढ़ाता है। सर्दी और बरसात के दिनों में अदरक वाली चाय पीने का आनंद ही कुछ और है, क्योंकि यदि आपको जुकाम हुआ है तो यह आपके जमे कफ गलाकर ख़त्म कर देगी।

हल्दी । Turmeric

हल्दी के औषधीय पौधे

हल्दी का पेटेंट भले ही अमेरिका ने ले लिया हो लेकिन भारत में इस औषधीय पौधे के गुणों आदिकाल में ही पहचान लिया गया था। हल्दी में एंटीबायोटिक गुण होते हैं जिससे यह त्वचा को निखारने के साथ-साथ गंभीर चोट लगने पर दूध के साथ मिलाकर पीने से आराम देता है। सर्दी जुकाम में भी हल्दी वाला दूध पीने से जल्दी आराम मिल जाता है। जिन्हें की कील-मुँहासे की समस्या रहती है वो हल्दी का लेप प्रयोग करें तो राहत मिलती है। हल्दी का सेवन दिल की बीमारियों में बहुत लाभकारी रहता है।

लौंग । Cloves

लौंग के औषधीय पौधे

लौंग भी भारतीय गरम मसालों का अभिन्न हिस्सा है। लौंग का तेल एंटीबायोटिक गुणों से सम्पन्न होता है, जो कि दाँत के दर्द में बहुत फायदेमंद होता है। खाँसी और सर्दी-जुकाम में भी लौंग का प्रयोग लाभदायक होता है।

दालचीनी । Cinnamon

दालचीनी के औषधीय पौधे

भारतीय गरम मसालों की लिस्ट में शामिल दालचीनी में भी रोग निवारक गुण होते हैं। दालचीनी को शहद के साथ निश्चित अनुपात में प्रयोग करने से यह आपके दिल को ठीक प्रकार से फ़ंकश्न करने में मदद करता है। दालचीनी और शहद का पेस्ट न केवल दिल बल्कि खाँसी और सर्दी-जुकाम में भी काफी कारगर है।

लहसुन । Garlic

लहसुन के औषधीय पौधे

भारत ही नहीं अधिकांश दक्षिण एशियाई देशों में लहसुन का प्रयोग खाने में किया जाता है। औषधीय पौधे लहसुन के सेवन से कोलेस्ट्रॉल तो कम होता ही है साथ यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। जिन व्यक्तियों के ब्लड प्रेशर यानि उच्च रक्तचाप की समस्या रहती है उनके लिए इसका सेवन बहुत लाभकारी है। आप लहसुन की फलियाँ कच्ची अथवा तलकर प्रयोग कर सकते हैं।

एलो वेरा । Aloe Vera

एलो वेरा के औषधीय पौधे

गुणकारी एलो वेरा की पत्तियों के गूदे का जूस आपकी त्वचा को सुंदर और खिला-खिला बनाता है। यह आपकी त्वचा को माश्चराइज़ (नमी देता) करता है। साथ यह अनेक बीमारियों के लिए भी गुणकारी है।

आर्टिचोक । Artichoke

आर्टिचोक के औषधीय पौधे

मिस्र और रोम में आर्टिचोक का प्रयोग पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है। इसकी पत्तियों में फ़्लेवोनॉयड होता है जिसके कारण यह इतना गुणकारी बनाता है। इसकी सूखी पत्तियों को का पाउडर बनाकर अथवा जूस बनाकर इसका सेवन किया जाता है।

कैमोमिल का फूल । Chamomile Flower

कैमोमिल के औषधीय पौधे

कैमोमिल का फूल यूरोप में बहुत पसंद किया जाता है। इस औषधीय पौधे के फूलों में सिर्फ़ सुंदरता ही नहीं बल्कि औषधीय गुण भी होते हैं जिसके कारण यह आज पूरी दुनिया में जाना जाता है। इस फूल की पंखुड़ियों को मसलने पर निकलने वाला रस पेट के बहुत लाभकारी होता है। यदि आपकी त्वचा में किसी कारण सूजन आ जाये तो भी इसके रस की मालिश से सूजन जाती रहती है।

पैशनफ्रूट का फूल । Passion Flower

पैशन फ़्लॉवर के औषधीय पौधे

पैशनफ्रूट के फूल की पंखुड़ियों का रस घबराहट, उदासी, नींद न आने और महिलाओं को मासिक धर्म न आने की स्थिति में होने वाली परेशानियों से छुटकारा दिलाता है।

बिच्छू घास । Ortiga Grass

बिच्छू घास के औषधीय पौधे

बिच्छू घास जंगली पौधा है जिसकी रगड़ से आपको त्वचा में जलन होने लगती है। लेकिन इसकी पत्तियों का काढ़ा गठिया और किडनी स्टोन होने की स्थिति में बहुत लाभकारी हो सकता है। इसकी जड़ों से निकाला जाने वाला रस भी प्रोस्टेट और ब्लैडर सम्बंधित बीमारियों को ठीक करने सक्षम है।