मेमोरी का अच्छा होना बेहद ज़रूरी होता है। ये आपकी पर्सनल और प्रोफ़ेशनल दोनों लाइफ़ में फायदा पहुँचाती है। लेकिन आजकल कम उम्र में भी लोगों की याद्दाश्त कमज़ोर होने लगी है। पहले बुढ़ापे में होने वाली ये बीमारी अब युवाओं में बहुत तेज़ी से बढ़ रही है। हालाँकि इससे बचने के कुछ तरीके हैं। कई छोटी-छोटी एक्सरसाइज़ के ज़रिए आप अपनी याद्दाश्त को स्ट्रॉन्ग कर सकते हैं। यहाँ हम कुछ ऐसे ही करामाती तरीके आपको बता रहे हैं, जिससे आपकी मेमोरी शार्प हो जाएगी।

मेमोरी शार्प करने की सोच रहे हैं तो ये तरीके आज़माएँ

मेमोरी शार्प करने के तरीके

जो पढ़ें उसे महसूस करें

आप जो भी पढ़ें मस्तिष्क में उसकी एक तस्वीर बनाने की कोशिश कीजिए। इससे आप चीज़ों को ज़्यादा समय तक याद रख पायेंगे। जब आप पढ़ रहे हों, तो साथ-साथ उन शब्दों के बारे में सोचना शुरू कर दें। सोचें कि वह चीज़ कैसी दिखती होगी, उसकी सुगंध कैसी होगी या उसका स्वाद कैसा हो सगता है।

गाएँ और याद्दाश्त बढ़ायें

अपनी लयबद्धता के कारण संगीत आसानी से आपके दिमाग़ में समा जाता है। अपने पसंदीदा गाने की धुन पर उन चीज़ों को सेट कर लीजिए, जिन्हें आप याद करना चाहते हैं। इससे आप तथ्यों को लम्बे समय तक याद रख पायेंगे।

कार्ड पर लिख लें

जब आप महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तारीख़, फॉर्म्यूले को याद करना हो, तो आप इसके लिए फ़्लैश कार्ड पर उन्हें लिख सकते हैं और जब भी आपको ज़रूरत महसूस हो, आप उन कार्ड्स को देख सकते हैं। इससे धीरे-धीरे वह तारीख़ें आपको रट जायेंगीं।

तरीके आजमाएँ

मान लीजिए आपको अंग्रेजी में नौ ग्रहों के नाम याद करने हैं, तो आप “My Very Educated Mother Just Showed Us Nine Planets”, का तरीका आज़मा सकते हैं। इसमें हर शब्द के पहले अक्षर से ग्रह का नाम आता है।

बार बार दोहरायें

जब आप किसी चीज़ को मन ही मन दोहराते हैं, तो आपके लिए उसे याद रखना आसान हो जाता है। इसलिए आपको जो भी बात याद रखनी हो, उसे मन में दोहराते रहें। आप चाहें तो उन बातों को लगातार काग़ज़ पर लिखकर भी याद कर सकते हैं।

चीज़ों को जोड़ना सीखिए

आप जो चीज़ें या नई बातें सीख रहे हैं, उन्हें पुरानी बातों से जोड़ें। उदाहरण के लिए अगर आपको यमुना की लम्बाई (1376 किमी) के बारे में पता चला है, तो आप उसे ताजमहल से जोड़ सकते हैं कि यमुना ताजमहल के पास ने निकलती है।

उदाहरण से याद करें

जब आप किसी चीज़ को असल ज़िंदगी के उदाहरणों से जोड़कर देखते हैं, तो दिमाग़ के लिए उन चीज़ों को दोहराना आसान हो जाता है। हमारा दिमाग़ उन तथ्यों को आसानी से याद रख पाता है। कहा जाता है कि मानव जीवन भर अपने मस्तिष्क का बमुश्किल पाँच से सात फीसदी ही इस्तेमाल कर पाता है। बाकी हिस्सा अनछुआ ही रह जाता है। लेकिन, अपनी याद्दाश्त को सुधारने के लिए आपको मस्तिष्क का व्यायाम ज़रूर करना चाहिए।

ऊपर दी गयी बातों की नियमित प्रैक्टिस करके आप अपनी मेमोरी शार्प कर सकते हैं।