आधे सिर में होने वाले दर्द को आधा शीशी सिर दर्द , अधकपारी का दर्द या माइग्रेन का दर्द कहते हैं। माइग्रेन किसी दूसरे सिर से बिल्कुल अलग होता है। यह दर्द सिर के किसी एक भाग में काफ़ी तेज़ उठता है, जिससे रोगी का चैन से सोना-जगना मुश्किल हो जाता है। बुरी परिस्थिति में दर्द के साथ-साथ उल्टियाँ भी होती हैं। जिससे रोगी का कष्ट और बढ़ जाता है।

माइग्रेन का दर्द कुछ एक घंटों से लेकर कई दिनों तक बना रह सकता है। जब यह दर्द होता है तो सिर के नीचे की धमनी बड़ी हो जाती है, साथ ही सिर दर्द वाले हिस्से में सूजन भी आ जाती है। माइग्रेन का दर्द अनदेखा करने पर बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। रोगी को लकवा और ब्रेन हैमरेज भी हो सकता है।

माइग्रेन का दर्द आधे सिर का दर्द

माइग्रेन के लक्षण इन हिंदी

1. आधे सिर या फिर पूरे सिर में तेज़ दर्द होना
2. धुंधला दिखाई देना
3. आंखों में दर्द होना
4. ज़्यादा पसीना बहना
5. भूख कम लगना
6. जी मिचलाना और उल्टी आना
7. काम करने में मन न लगना
8. ज़्यादा तेज़ आवाज़ और रोशनी के चिढ़ या घबराहट होना
9. हाथ और पैर सुन्न पड़ना
10. शारीरिक कमज़ोरी लगना

आधे सिर में दर्द उठने के साथ अगर उपरोक्त लक्षण दिखाई पड़ें तो रोगी को तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं।

माइग्रेन का कारण क्या है

माइग्रेन का दर्द होने के सही कारणों का पता अभी तक नहीं किया जा सका है, लेकिन माइग्रेन के दौरों की पहचान करके इससे राहत दी जा सकती है।

1. कैफ़ीन का ज़्यादा सेवन करना
2. उच्च रक्तचाप
3. कई दिनों तक अधूरी नींद सोना
4. अधिक मानसिक तनाव रहना
5. मौसम बदलने का प्रभाव
6. दर्द निवारक दवाओं का प्रयोग अधिक करना
7. हार्मोन असंतुलन

महिलाओं में हार्मोन असंतुलन अधिक होता है, जिस वजह से पुरुषों की तुलना में माइग्रेन का दर्द अधिकतर महिलाओं को होता है। अगर यह माइग्रेन का प्रमुख कारण है तो डॉक्टरी इलाज ज़रूर करवायें।

माइग्रेन का आयुर्वेदिक इलाज की 10 विधियाँ

1. माइग्रेन का अटैक होने पर बिस्तर पर लेट जाइए और सिर को बिस्तर से नीचे लटका लीजिए। अब सिर के जिस हिस्से में दर्द है, उस तरह वाली नाक में सरसों के तेल की कुछ बूँदें डालकर ज़ोर से ऊपर की तरह खींचें। इस घरेलू उपाय को करने से जल्द आराम मिल जाएगा।

2. अरोमा थेरेपी माइग्रेन के दर्द में बहुत फायदा करती है। इस थेरेपी में सुगंधित हर्बल तेलों की भाप को चेहरे पर डाला जाता है और धीमा धीमा संगीत बजाया जाता है, जिससे रोगी को मानसिक शांति मिलती है।

माइग्रेन का इलाज अधकपारी का इलाज

3. नित्य सुबह शाम गाय के शुद्ध देशी घी की दो दो बूँद नाक में डालने से आधे सिर का दर्द कम हो जाता है।

4. सुबह सूर्य की पहली किरण दिखने से पहले नारियल और गुड़ के साथ छोटे चने जितना कपूर मिलाकर 3 तीन दिन लगातार खाने से आधे सिर का दर्द कम हो जाता है।

5. आधे सिर का दर्द होने पर दर्द वाली जगह पर हल्के हाथों गुनगुने तेल से मालिश कीजिए। इसके अलावा गर्दन, कंधों, हाथों और पैरों की मालिश करनी चाहिए। जिससे रोगी को जल्द आराम हो जाएगा।

6. माइग्रेन में कुछ रोगियों को गरम चीज़ से आराम मिलता है और कुछ को ठंडी चीज़ों से । अगर रोगी को ठंडी चीज़ों से आराम मिलता है तो ठंडे पानी में तौलिया भिगोकर दर्द वाली जगह पर सिंकाई करें। इससे जल्द आराम मिलेगा।

7. गाय के घी में कपूर मिलाकर हल्के हाथों से सिर की मालिश करने से माइग्रेन का दर्द से निजात मिलती है।

8. नींबू के छिलके को पीसकर लेप तैयार करें। इस लेप को माथे पर लगायें। इससे रोगी को जल्द आराम मिलता है।

9. बंदगोभी के पत्तों को पीसकर लेप बनायें और रोगी के माथे पर लगाने से उसे आराम मिलेगा।

10. सुबह उठकर खाली पेट सेब खाने से आधे सिर का दर्द नहीं होता है।

माइग्रेन का रामबाण इलाज

1. गाजर और पालक का एक गिलास जूस नियमित पीने से माइग्रेन का दर्द नहीं रहता है।

2. माइग्रेन का दर्द शुरु होने पर शांत कमरे में लेटकर सोने का प्रयास करें।

3. अधिक मात्रा में पानी पिएं और आवश्यकतानुसार चाय पिएं।

4. सिर पर ठंडी या गरम पट्टी रखें। रोगी को दोनों में से जिससे फायदा हो।

योग द्वारा माइग्रेन का इलाज

माइग्रेन के लिए योग और व्यायाम बहुत कारगर उपाय हैं। योग करने से आधे सिर का दर्द नहीं रहता है। रोगी को नियमित योगाभ्यास से मानसिक शांति मिलती है। माइग्रेन दूर करने के लिए कुछ योग हैं:

1. प्राणायामअनुलोम विलोम
2. अधोमुख स्वानासन
3. उत्तनासन
4. जनु शीर्षासन
5. उर्ध्वमुख स्वानासन
6. सेतु बंध
7. शिशु आसन
8. पश्चिमोत्तासन
9. पदमासन
10. शवासन

माइग्रेन का आयुर्वेदिक उपचार

माइग्रेन में परहेज़ और सावधानियाँ

रोगी को माइग्रेन के दर्द से बचकर रहना चाहिए। इसके लिए कुछ परहेज़ और सावधानियाँ बरतनी चाहिए।

1. रोगी भूखा न रहे। उसके खानपान का पूरा ध्यान देना चहिए।

2. मानसिक तनाव और दौड़धूप वाले कामों से बचना चाहिए। तनावमुक्त रहने के लिए योग और व्यायाम करना चाहिए।

3. ताँबे के लोटे में रात में पानी भरकर रख दें और सुबह खाली पेट पिएं

4. दवाओं के साइडइफ़ेक्ट की वजह से भी अधकपारी का दर्द हो सकता है। इसलिए बिना डॉक्टरी सलाह के दवाएं न लें।

5. शांत कमरे में सोयें और रोज़ 8-10 घंटे ज़रूर सोयें।

6. उठने-बैठने और लेटने के गलत तरीके भी माइग्रेन का कारण हो सकते हैं। इसलिए सही पोश्चर में उठें, बैठें और लेटें।

7. माइग्रेन दूर करने के लिए कभी दवाओं का प्रयोग बिना डॉक्टरी सलाह के न खाएं।

8. तेज़ धूप में बाहर न जाएं। जाना भी पड़े तो सिर पर कपड़ा बांधे और छाते का प्रयोग करें।

9. तेज़ रोशनी से बचें और ऊँचाई वाली जगहों पर न जाएं।

10. कम्प्यूटर पर काम करते समय या टीवी देखते समय ज़्यादा नज़दीक न बैठें।

11. मोबाइल और कम्प्यूटर पर ज़्यादा देर तक काम न करें

12. सिर दर्द हो तो उसका फौरन उपचार करें।

13. कम रोशनी वाली जगहों पर बारीक़ काम मत करें।

14. तेज़ सुगंध वाले इत्र, सेंट, डियो और परफ्यूम न लगाएं।

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