आप स्वस्थ रहने के लिए सुबह उठकर सैर पर जाते हैं, योग भी करते हैं, साफ़ सफ़ाई का भी पूरा ध्यान रखते हैं, रूटीन में हेल्दी खानपान को भी अपनाते हैं, क्योंकि आज के समय में हर व्यक्ति अपने स्वास्थ को लेकर सजग है, लेकिन फिर भी हम बीमार हो जाते हैं और फिर डॉक्टर के पास जाना पड़ता है। अब आप सोचते होंगे की जब दिनचर्या सही है, गड़बड़ कहाँ हुई? तो आपका ऐसा सोचना वाजिब है क्योंकि हम लोग जिन चीज़ोंं का खाने में इस्तेमाल करते हैं, वह शुद्ध नहीं है। उनके मिलावट की जा रही है? मिलावट की जाँच के लिए सरकारी एजेंसियाँ काम कर रही हैं, लेकिन यह गोरखधंधा थमने का नाम नहीं लेता है।

मिलावट की जाँच

तीज त्योहार आते ही आप हमेशा समाचार में ये सुनते होंगे कि मिठाई, पनीर, दूध व अन्य चीज़ों में मिलावट पकड़ी गयी। तो अब आप यह सोचेंगे की क्या खायें? क्योंकि जीने के लिए खाना ज़रूरी है और यहाँ तो खाने कि हर एक चीज़ में मिलावट है, जिससे बच पाना आसान नहीं है।

मिलावट को कभी ऐसे नहीं परख सकते इसके लिए कुछ रसायनों और साधारण उपकरणों की ज़रूरत होती है। जिनका इस्तेमाल घर में करके हम मिलावट का निरीक्षण कर सकते हैं और मिलावट से बच भी सकते हैं।

मिलावट की जाँच

1. दुग्ध पदार्थों में मिलावट

अक्सर घर में सब यही कहते हैं कि बेटा दूध पीलो क्योंकि दूध से हमें कैल्शियम व ज़रूरी विटामिंस मिलते हैं। लेकिन जो दूध हम ख़रीद रहे हैं, क्या वो शुद्ध है? कहीं उसमें कोई मिलावट तो नहीं है। आकड़ों की मानें तो 68 फ़ीसदी से अधिक दूध और दूध से बने अन्य पदार्थ उत्पाद खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के मानकों के अनुरूप नहीं हैं। दूध व दूध से बने अन्य उत्पाद में यूरिया, डिटर्जेंट, स्टार्च, ऑयल, कॉस्टिक सोडा जैसी चीज़ें मिलाई जा रही हैं, जो सेहत के लिए हानिकारक है।

1a. दूध में मिलावट की जाँच

  • शुद्ध दूध रखने के कुछ देर बाद भी अपना रंग नहीं बदलता। लेकिन मिलावटी दूध ज़्यादा देर रखने पर पीला पड़ जाता है।
  • दूध में स्टार्च की मात्रा जानने के लिए एक छोटे से सैम्पल को टेस्ट ट्यूब में भरें, उसमें 20 एम एल पानी डालकर ऊबालें। ठंडा होने के बाद इसमें दो बूंद आयोडीन की डालें। अगर दूध नीला हो जाये तो इसमें स्टार्च है।
  • पानी की जाँच के लिए चिकनी सतह पर दूध की कुछ बूंदें गिरायें। अगर दूध में पानी मिला है, तो वह बिना कोई निशान छोड़े तेज़ी से आगे बह जाएगा। अगर दूध शुद्ध होगा तो धीरे-धीरे बहेगा और सफेद धब्बा रह जाएगा।

1b. मावा / खोये में मिलावट की जाँच

शुद्ध मावा थोड़ा कठोर होता है। मावा में आयोडीन साल्यूशन डालें। अगर मावा में मिलावट होगी, तो उसका रंग बैंगनी हो जाएगा।

1c. आइसक्रीम में मिलावट की जाँच

आप जिस आइसक्रीम को खाने जा रहे हैं, अगर इसमें मिलावट है तो इससे पेट की बीमारी हो सकती है और लम्बे वक़्त के सेवन से लीवर भी ख़राब हो सकता है। आइसक्रीम में डिटर्जेंट की मिलावट की जाँच करने के लिए कुछ बूंदें नींबू की रस की गिरायें। अगर बुलबुले उठें या झाग बने तो समझ लें कि आइसक्रीम में डिटर्जेंट की मिलावट है।

2. कॉफ़ी में मिलावट की जाँच

कॉफ़ी में चिकोरी पाउडर की मिलावट होती है, जो डायरिया और जोड़ों के दर्द का कारण हो सकता है। कॉफ़ी में मिलावट की जाँच के लिए थोड़ा से कॉफ़ी पाउडर में पानी डालने से चिकोरी पाउडर नीचे बैठ जाएगा और कॉफी पाउडर पानी में ऊपर तैरने लगेगा।

3. कालीमिर्च में मिलावट की जाँच

काली मिर्च का तीखापन खाने में स्वाद डाल देता है। लेकिन तभी जब वो शुद्ध हो। व्यापारी कालीमिर्च का वजन बढ़ाने के लिए उसमें पपीते का बीज मिला देते हैं। साबुत काली मिर्च में मिलावट की जाँच के लिए काली मिर्च के दाने को शराब में डालें, अगर वह डूब जाएँ तो वह ठीक है। अगर वह तैरने लगे तो समझ जाएँ कि यह तैरने वाले पपीते के बीज हैं।

4. हल्दी में मिलावट की जाँच

हल्दी में मिलाया गया सिंथेटिक कलर हल्दी के नैसर्गिक गुणों को समाप्त कर देता है। मिलावट वाली हल्दी त्वचा पर लगाने से एलर्जी तथा खाने में मिलाने से पेट संबंधी रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। हल्दी में मिलावट की जाँच के लिए हल्दी पाउडर में पाँच बूँद हाइड्रोक्लोरिक एसिड और पाँच बूँद पानी डालें अगर हल्दी बैंगनी, गुलाबी या वॉयलेट हो जाए तो हल्दी मिलावटी है।

5. लाल मिर्च में मिलावट की जाँच

लाल मिर्च के पाउडर में लाल ईंट का पाउडर मिलाया जा रहा है। इसमें मिलावट की जाँच के लिए एक गिलास पानी में चौथाई चम्मच मिर्च पाउडर डालें अगर इसमें मिलावट है तो यह पानी के ऊपर रंग तैरने लगेगा।

6. सरसों में मिलावट की जाँच

सरसों को भारी मात्रा में दिखाने के लिए इसमें आर्जीमोन बीज मिलाया जाता है। जिसके कारण से इम्यून सिस्टम ख़राब हो जाता है या उनको मोतियाबिंद होने के आसार बढ़ जाते हैं। इसकी मिलावट की जाँच के लिए आर्जीमोन के बीज को कूटेंगें, तो इसमें सफेद पदार्थ दिखेगा और सरसों के बीज को कूटेंगें, तो इसमें पीला पदार्थ दिखेगा।

7. दालों में मिलावट की जाँच

आप जिन दालों का सेवन कर रहे हैं, उनमें विशेषकर चने व मसूर की दालों में दूसरी डाई मेटानिल यलो का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे दालों में एक चमक दिखाई देती है। दालों में मिलावट की जाँच के लिए एक चम्मच दाल लेकर उसमें 20 मिली लीटर गुनगुने पानी में अच्छी तरह हिलाकर मिलायें और इसमें 2- 4 बूंदे हाइड्रोक्लोरिक एसिड को डालें। पानी का रंग यदि बैंगनी या गुलाबी हो जाए, तो समझ लें कि दाल में मेटानिल यलो की मिलावट की गयी है।

इस तरह से आप मिलावट की जाँच करके शुद्धता की परख कर सकते हैं कि जिन चीज़ों का आप सेवन करने जा रहे हैं वो कितनी शुद्ध है ताकि आप स्वस्थ और हेल्दी रहें।