पीरियड्स जल्दी लाने के उपाय: मासिक धर्म से कई महिलाएँ बहुत परेशान रहती हैं, लेकिन यदि अनियमित माहवारी हो तब समस्या कहीं गंभीर हो जाती है। पीरियड्स देर से आएं या समय से पहले आएं दोनों ही बातें उसके शरीर को नुक़सान पहुंचता है। हम आपको पहले ही पीरियड्स के दर्द के आयुर्वेदिक और घरेलू उपचार बता चुके हैं। इस आलेख में हम पीरियड्स जल्दी लाने और रोकने के उपाय जानेंगे। तो आइए लड़कियों के अनियमित पीरियड्स की प्रॉब्लम के घरेलू उपचार जानते हैं।

पीरियड्स साइकल क्या है?

पीरियड्स शुरु होने के पहले दिन से दूसरी बात पीरियड्स आने के बीच जो समय होता है, वह पीरियड साइकल कहलाता है। उदाहरण के लिए अगर पीरियड 1 अगस्त हो आया था, और दूसरा पीरियड 28 अगस्त को आता है, तो आपका पीरियड साइकल 27 दिन का हुआ। मासिक चक्र 21 से 34 दिन का होता है, कुछ लड़कियों के लिए यह समय अधिक भी हो सकता है।

Masik chakra
Masik chakra

पीरियड्स कितने दिन रहते हैं?

मासिक धर्म आपकी शरीर पर निर्भर करता है, कई बार ये 2 से 3 दिन में ख़त्म हो जाता है, लेकिन कई बार यह समय 1 हफ़्ते का होता है। इसके अलावा कई गर्ल्स को कम ब्लीडिंग होती है, तो कुछ को ज़्यादा होती है।

पीरियड्स टाइम पर न आने के कारण

माहवारी में देरी के कई कारण हो सकते हैं। शारीरिक कमज़ोरी से लेकर तनाव तक सब कुछ पीरियड्स पर असर डालता है। वज़न कम होने, ज़्यादा दवाओं का प्रयोग करने, और शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने से भी माहवारी टल जाती है। हार्मोंस का असंतुलन और थायरॉइड की बीमारी भी मासिक धर्म पर असर डालती है।

पीरियड्स जल्दी लाने के घरेलू उपाय

– एक कप प्याज़ के सूप में गुड़ मिलाकर पिएं, लाभ होगा।
– चुकंदर, गाजर और अंगूर का रस पर फ़ायदेमंद होता है।
– 3 ग्राम तुलसी की जड़ का चूर्ण शहद के साथ लेने से काम बन जाता है।
– दिन में एक बार छाछ पीनी चाहिए।
– करेले का जूस में चीनी मिलाकर पीने माहवारी नियमित हो जाती है।
– केले की छाल का 1 ग्रास रस सुबह ख़ाली पेट लेने से रुका हुआ पीरियड भी आ जाता है।
– गाजर के बीज, मूली के बीज और मेथी के बीज मिलाकर चूर्ण बनाएँ। माहवारी के समय 10 ग्राम चूर्ण पानी के साथ लेने से सालों से बंद माहवारी भी आती है।

पीरियड्स जल्दी लाना
Menstruation pain

माहवारी जल्दी लाने के आयुर्वेदिक उपाय

– गुनगुने पाने में थोड़ा शहद, नींबू और दालचीनी पाउडर मिलाकर पीने से पीरियड्स जल्दी आते हैं।
– गर्म दूध में केसर के दो धागे मिलाकर पीने से भी फ़ायदा मिलता है।
– 5 अंजीर दूध में डालकर उबालकर उनका सेवन करना चाहिए, अनियमित माहवारी की समस्या ख़त्म हो जाएगी। पीरियड्स छूट जाने जैसी प्रॉब्लम का इलाज भी यही है।

पीरियड्स टाइम पर लाने के लिए क्या खाएँ?

– हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ जैसे पालक और ब्रोकली खाएँ।
– मांसाहार करते हैं तो मछली खाकर आपको ओमेगा-3 फ़ैटी एसिड मिलेगा जो पीरियड्स जल्दी लाने में लाभकारी है।
– उबले हुए अंडे खाएँ, इसमें प्रोटीन, विटामिन और कैल्शियम अधिक होता है।
– बादाम खाने से फ़ाइबर मिलता है और साथ ही हार्मोन असंतुलन समाप्त हो जाता है।
– सोया मिल्क भी पोषक तत्वों से युक्त आहार है।

पीरियड्स रोकने के उपाय

– अनार के सूखे छिलके पीसकर छानकर रख लें। जब पीरियड्स अधिक आ रहा हो तब इसका सेवन करने से लाभ मिलेगा।
– 200 ग्राम पानी में 2 ग्राम धनिया तब तक उबालें। जब पानी 50 ग्राम रह जाए तो छानकर मिसरी के साथ पिएँ। इससे माहवारी के समय आने वाली हैवी ब्लीडिंग रुक जाती है।
– देसी शक्कर, पिसा धनिया और घी मिलाकर खाने से ख़ून आना रुक जाता है। चावल के पानी के साथ पिसा धनिया लेने से पीरियड्स के समय अधिक हो रही ब्लीडिंग रुक जाती है।

अनियमित माहवारी का उपचार

– सौंफ खाने से माहवारी समय पर आती है। पीरियड्स आने के 10 दिन पहले से ही सौंफ का काढ़ा पीना शुरु कर दें।
– गुड़ में तिल के बीज और जीरा पाउडर मिलाकर खाने से माहवारी समय पर होती है।
– प्रेग्नेंसी से छुटकारा पाने और पीरियड्स टाइम पर लाने के लिए कच्चा पपीता प्रयोग कर सकते हैं।
– कब्ज़ बनाने वाली चीज़ें न खाएँ।
– बैंगन, कद्दू, मांस और आलू को पीरियड्स शुरु होने से एक हफ़्ते पहले न खाएँ।

अनियमित माहवारी से बचने के लिए योग

योग करने से शरीर स्वस्थ रहता है। रोज़ योगाभ्यास करने से शरीर का तापमान सामान्य रहता है। अनियमित मासिक धर्म से बचने के लिए योगासनों का लाभ उठाएँ।

– चक्रासन
– सर्वांगासन
– भुजंगासन

अगर आपको योग नहीं आता है, तो योगा क्लासेज ज्वाइन कर लें।

माहवारी
Menstruation

लड़कियों में पीरियड्स की समस्या

अगर अग्रलिखित कोई भी लक्षण आपको महसूस हो रहे हैं तो फ़ौरन डॉक्टर को इस बारे में बताकर इलाज शुरु करें।

– सात दिन से ज़्यादा पीरियड्स आना
– असहनीय दर्द और परेशानी बढ़ना
– अचानक मासिक धर्म बंद होना
– माहवारी के आख़िरी दिनों में भी हर घंटे पैड बदलने की ज़रूरत
– 2 पीरियड्स के बीच अचानक ब्लीडिंग
– 16 वर्ष की आयु तक पीरियड्स शुरु न होना
– 21 दिनों से पहले पीरियड्स आना

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