हमारे में पेट यकृत (Liver) के पीछे पित्ताशय होता है। जब पित्त की पथरी हो जाती है, जो सर्जरी के समय पथरी के साथ पित्त की थैली समेत निकाला जाता है। इस सर्जरी को लैप्रोस्कोपी कोलिसिस्टैक्टमी (Cholecystectomy Cholecystectomy) कहते हैं। लेकिन अगर समय रहते आयुर्वेदिक उपाय कर लिए जाएं तो इस महंगी सर्जरी और शरीर की चीड़-फाड़ से बचा जा सकता है।

पित्त की पथरी

पित्ताशय की पथरी होने पर परहेज़

१. पथरी होने पर चूना नहीं खाना चाहिए। जो लोग पान में चूना खाते हैं उनको कोशिश करनी चाहिए कि पान में चूना न लगवाएं। आपको जानना चाहिए कि पथरी की प्रमुख वजह कैल्शियम का जमा होना है। ऐसा शरीर में कैल्शियम का अवशोषण न होने से होता है।

२. तला-भुना मसालेदार ज़्यादा न खाएं। शाकाहारी भोजन करें, जब पथरी की समस्या समाप्त न हो जाए। मांसाहार का त्याग कर दें।

पित्त की पथरी निकालने के घरेलू उपाय

१. पथरी के इलाज की शुरुआत आप दिन में कम से कम 5 लीटर पानी पीकर कर सकते हैं।

२. मूली की शाक का 100 ग्राम रस निकालकर दिन में 3 बार पिएं। इससे पथरी के दर्द में आराम मिलेगा।

३. पथरचट्टा के पत्तों को पानी में उबाकर बना लें। केवल 7 से 15 दिन प्रयोग करने से पथरी की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।

४. पथरचट्टा का 1 पत्ता और 4 दाने मिश्री पीस लें। इसे 1 गिलास पानी के साथ खाली पेट पीने से लाभ मिलेगा।

५. 6 ग्राम पपीते की जड़ का पाउडर बनाएं। इसे 10 ग्राम पानी में घोलकर छान लें। रोगी को 21 दिन तक रोज़ इस घोल को नियमित रूप से पिलाएं। इससे पथरी गलकर निकल जाती है।

६. 20 ग्राम कुल्थी को 250 ग्राम पानी में उबाल लें। जब पानी एक चौथाई रह जाए तो इसे उतार कर छान लें। इसे रोगी को गुनगुना पीना चाहिए। दिन में 2 बार पीने से पथरी गलकर पेशाब के साथ निकल जाती है। यह प्रयोग 20 दिन तक करें।

७. 1 ग्राम हल्दी और 2 ग्राम गुड़, गाजर की कांजी के साथ खाने से पथरी गल जाती है। केवल 1 चम्मच हल्दी 80 प्रतिशत तक पथरी नष्ट कर सकती है।

८. 2 माशा नीम के पत्तों का खार खाने से पथरी गलकर ख़त्म हो जाती है।

९. पुदीने की पत्तियों को पानी में उबाल कर पिएं। यह पथरी के दर्द का इलाज करती है।

१०. पथरी के रोग में जामुन खाने से भी लाभ होता है।

गुर्दे की पथरी में बाबा रामदेव का इलाज

गुर्दे की पथरी का उपचार करने के दिव्य अश्मरीहर रस एक बढ़िया आयुर्वेदिक उपाय है। यह रस पथरी को सूक्ष्म कणों में तोड़कर मूत्र मार्ग से उसे बाहर निकालने में मदद करता है। जिससे पित्त की पथरी निकालने के लिए ऑपरेशन कराने की नौबत नहीं आती है। इस उपाय को करने पर कोई दुष्प्रभाव भी नहीं हैं।

पथरी के दर्द का इलाज राजीव दीक्षित द्वारा

१. क्रैनबरी जूस

पित्त के दर्द में क्रैनबेरी जूस बहुत फ़ायदेमंद है। 1 गिलास क्रैनबेरी जूस में 2 चम्मच नींबू का रस डालकर पिएं। इससे पथरी मूत्र मार्ग से बाहर निकल जाती है।

२. सेब का सिरका

2 चम्मच सेब के सिरके में 1 चम्मच नींबू का रस मिलाकर पिएं। यह भी पित्त की पथरी का सफल इलाज है।

३. अंगूर का रस

सुबह के नाश्ते से पहले 1 गिलास अंगूर का रस नियमित पिएं।

४. तुलसी के पत्ते

गुर्दे को स्वस्थ रखने के लिए तुलसी के पत्ते पानी में उबाल कर पीना चाहिए। गुर्दे की पथरी नष्ट करने के लिए तुलसी के पत्तों की चाय लाभदायक है।