आज हवा में बहुत से अनचाहे हानिकारक तत्व घुल गए हैं, जो हमारी सेहत को काफ़ी नुकसान पहुंचा रहे हैं। प्रदूषण के असर के कारण हम अनेक बीमारियों का शिकार बन रहे हैं। इन प्रकार अपनी सेहत के साथ समझौता करने की बजाय समाज को एक जुट होकर कुछ सकारात्मक उपाय करने की आवश्यकता है, इसके लिए जागरुकता लानी होगी। जिससे प्रदूषण कम होगा और हमें स्वस्थ पर्यावरण में जीने का अवसर मिलेगा। प्रदूषण कम करने की जागरुकता एक दम से लोगों में नहीं आएगी, इसलिए साथ-साथ हमें कुछ ऐसे उपाय भी करने होंगे, जिससे प्रदूषण का हमारी सेहत पर बुरा असर न पड़े।

सर्द हवा में मौजूद हानिकारक केमिकल्स और ज़्यादा नुकसान करते हैं। आज कल स्मॉग बहुत चर्चा में है, जिसका मतलाब है – स्मोक और फॉग; यानि धुँए और धुंध का मिश्रण।

प्रदूषण के असर को कम करना

प्रदूषण से होने वाली बीमारियां

हवा में ज़हरीली गैसों की मात्रा बढ़ने से सांस लेने में तकलीफ़ होना, आंखें खुजलाना और आंखों में जलन होना आदि परेशानियां होना आम बात है। इसके अलावा कुछ और भी दिक्कतें हो सकती हैं।

  1. ज़ुकाम होना
  2. खांसी, टीबी और गले में इंफ़ेक्शन
  3. साइनस, अस्थमा
  4. फेफडों सम्बंधित बीमारियां

प्रदूषण के असर को कम करने के टिप्स

हम सभी को रसोई में प्रदूषण के बुरे असर को कम करने वाली अनेक ऐसी वस्तुएं होती हैं, जिनसे हम अपने परिवार का स्वास्थ्य सुधार सकते हैं।

1. गुड़ और शहद खाने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है। जिससे हम अनेक बीमारियों से बच सकते हैं। इसका यही गुण प्रदूषण के साइड इफेक्ट को कम करने में भी कारगर है। इसलिए इसे आज ही अपनी डाइट में शामिल कीजिए।

2. लहसुन एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक है। लहसुन की कुछ कलियां लें और इन्हें 1 चम्मच मक्खन में पकाकर खाएं। इसे खाने के आधे घंटे पहले और बाद में कुछ नहीं खाएं। प्रदूषण से होने कफ़ को दूर करने में यह घरेलू उपाय बहुत लाभदायक है।

3. बढ़ते पोल्यूशन के कारण बार बार ज़ुकाम या सम्बंधित इंफ़ेक्शन हो तो अदरक का सेवन बहुत लाभकारी सिद्ध होता है। 1 चम्मच शहद में गुनगुना अदरक का रस मिलाकर दिन में 2 से 3 बार पीने से ज़ुकाम की समस्या ख़त्म हो जाती है।

4. छाती में कफ़ की समस्या होने पर काली मिर्च को पीसकर चूर्ण बना लें। 1 चम्मच शहद में थोड़ा सा काली मिर्च पाउडर मिलाकर खाने से फेफड़े साफ़ रहते हैं और जमा कफ़ निकल जाता है।

5. नियमित अजवाइन की पत्तियां खाने रक्त शुद्ध होता है। इसके अतिरिक्त फल और सब्ज़ियां अधिक मात्रा में खानी चाहिए। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी भी पीना चाहिए।

प्रदूषण का दुष्प्रभाव

वायु प्रदूषण से बचाव

1. वायु प्रदूषण से बचने के लिए मास्क पहनना चाहिए। इंडस्ट्रियल एरिया में जाना हो तो एंटी पाल्यूशन मास्क और आंखों पर चश्मा लगाकर जाएं। मास्क को बार बार छूना नहीं चाहिए और एक मास्क को एक बार ही प्रयोग करना चाहिए। मास्क का प्रयोग करके आप वायरस और कई प्रकार के इंफ़ेक्शन फैलाने वाले बैक्टीरिया से बच सकते हैं।

2. गर्भवती महिलाओं और बच्चों को वायु प्रदूषण से बचाने के लिए घर में एयर फ़िल्टर मशीन लगवानी चाहिए। इससे सांस की बीमारियां कम होती हैं। घर से बाहर तभी बाहर घूमने टहलने निकलें जब पर्यावरण में प्रदूषण का स्तर कम हो।

3. प्रयोग में आने वाली पेट्रोल डीज़ल से चलने वाली ग‌ड़ियों का नियमित प्रदूषण कार्ट बनवाएँ।

4. बाहर से घर वापस आने के बाद मुँह, हाथ और पैर साफ़ पानी से धोने चाहिए।

5. घर के आस पास कूड़े कचरे को न जलाएं।

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प्रदूषण की समस्या से बचने के लिए ज़रूरी है कि ज़्यादा से ज़्यादा पेड़ पौधे लगाएँ, क्योंकि पेड़ कार्बन डाइ ऑक्साइड सोखते हैं, और ऑक्सीजन छोड़ते हैं। इसलिए ज़रूरी है कि इंफ़्रास्ट्रकचर के साथ साथ प्रकृति के बारे में भी अधिक सोचें। आज प्रदूषण के असर से बचने के लिए ज़रूरी है कि पेड़ पौधे और जंगलों को कटने से रोके।