कई बार हम किसी चीज़ या काम को लेकर बहुत उत्तेजित होते हैं, दिन रात उसी के बारे में सोचते रहते हैं और उसके लिए जी जान लगाकर मेहनत भी करते हैं। लेकिन उसे पूरा करने में यदि बाधाएँ आएं या हम असफल हो जाएं तो हमें बहुत चिंता हो जाती है। जिससे हम पूरी नींद नहीं सो पाते हैं और अनिद्रा भी समस्या हो जाती है। ये समस्या विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यवसायियों में अधिक देखने को मिलती है। इस आलेख में आप पूरी नींद लेने के उपाय जानेंगे।

पूरी नींद न सो पाना अनिद्रा रोग की निशानी है। अनिद्रा रोग में मरीज़ देर तक सो नहीं पाता है और थोड़ी-थोड़ी देर पर उसकी आंख खुल जाती है। भरपूर नींद लेने होने वाली इस परेशानी के कारण शरीर को पूरा आराम नहीं मिलता है, और स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है। इससे मरीज़ का स्वभाव ग़ुसैल और चिड़चिड़ा हो जाता है। इस आलेख में आपको अनिद्रा रोग के उपचार हेतु आयुर्वेदिक उपाय बताए जाएंगे।

पूरी नींद लेती कन्या
Girl sleeping

अनिद्रा रोग क्या है?

अनिद्रा रोग को इंग्लिश में Insomnia कहते हैं। इसमें बिस्तर पर पड़े पड़े रातभर करवट बदलता रहता है। इसलिए अनिद्रा नींद न आने की बीमारी है।

– अनिद्रा में देर तक नींद नहीं आती है
– नींद थोड़ी थोड़ी देर में खुल जाती है और फिर नींद आने में काफ़ी समय लगता है। अक्सर ऐसा परेशानी या किसी चीज़ की लालसा के कारण होता है।
– इंसोमनीया के कुछ केसों में मरीज़ कभी नहीं सोता है। जिससे उसे अनेक प्रकार की बीमारियाँ हो जाती हैं।

जिस तरह हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए भोजन की आवश्यकता होती है, उसी तरह नींद रूपी भोजन लेने से मस्तिष्क स्वस्थ रहता है। अगर नींद न आने की बीमारी हो जाए तो दिमाग़ अशांत रहने लगता है, जिससे शरीर बीमारियों का घर बन जाता है। इसलिए पूरी नींद लेने के उपाय करने की ज़रूरत पड़ती है।

अनिद्रा रोग के कारण होने वाली बीमारियाँ

– उच्च रक्तचाप
– वज़न बढ़ना
– सिर में हमेशा दर्द रहना
– बदन दर्द
– चुस्ती-फुर्ती और स्फूर्ति घटना
– किसी काम में मन न लगना

नींद न आने के कारण

अनिद्रा शारीरिक या फिर मानसिक परेशानियों के चलते होती है। इसलिए नींद न आने के कारण को पहचानने की आवश्यकता होती है।

– मोबाइल
– शोर
– ज़्यादा सोचना
– खांसी, जुकाम या कोई बीमारी
– रात में बार बार उठकर पेशाब जाना
– मौसम का ज़्यादा गर्म या ठंडा होना

Couple taking peaceful sleep
Couple taking peaceful sleep

पूरी नींद लेने के उपाय – इंसोमनीया का उपचार

किन्हीं कारणों से अगर आपको अच्छी नीन्द नहीं आ रही है तो हमको कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे बता रहे हैं जिनसे आपको पूरी नींद मिल सकती है और अनिद्रा का इलाज हो सकता है।

– किसी रोग के कारण अनिद्रा रोग हो तो उसका उपचार कीजिए ।
मानसिक तनाव की परेशानी होने पर योग और ध्यान में मन लगाएँ।
– सोने से पहले 10 मिनट गुनगुने पानी में पैर रखें और फिर पैर पोंछकर सो जाएँ।
– ज़्यादा ऊंची तकिया न रखें, इससे ब्लड सर्कुलेशन रुकने के कारण सर दर्द को परेशानी बन जाती है।
– पूरी नींद लेने के लिए सोने पहले गर्म दूध पीने की आदत बनाएँ।
– हल्का भोजन करें और टहलने जाएँ।
– सोने से पहले मुँह, गर्दन, कान और दोनों पैरों को धोएँ। इससे रक्त संचार बढ़ता है।
– रोज़ सुबह सूरज की रोशनी में कुछ देर बैठने की आदत डालें।
– नींद न आने की बीमारी में मरीज़ को सोते समय किताब पढ़ने और संगीत सुनने की आदत बनानी चाहिए।
– सोने से 4 घंटे पहले चाय, कॉफ़ी, बीड़ी, सिगरेट और शराब का सेवन बिल्कुल न करें।

नींद न आने की बीमारी का आयुर्वेदिक इलाज

– सर्पगंधा, अश्वगंधा और भांग को बराबर मात्रा में पीसकर चूरन बना लें। रात को सोने से पहले 5 ग्राम चूरन को पानी के साथ पिएँ। इससे अच्छी नींद आती है।
अनिद्रा रोग है तो ग्रीन टी का सेवन फ़ायदा पहुंचाता है। इससे मन शांत होने के साथ-साथ सिर दर्द भी काफ़ूर हो जाता है। दिन में 1 या 2 बार ही ग्रीन टी पिएँ। वरना नींद न आने की समस्या बढ़ सकती है।
– सरसों के तेल से तलवों पर मालिश करने से गहरी नींद आती है।

Father and son taking sound sleep
Father and son taking sound sleep

अनिद्रा रोग से बचने के तरीके

– रात को सोने से पहले मोबाइल फ़ोन स्विच ऑफ़ कर दें।
– सोने जगने का समय तय करें। छुट्टी का बहाना न बनाएँ।
– मुँह ढककर सोने से नींद खुलने का डर रहता है। इसलिए सोते समय मुंह पर कुछ न रखें।
– खुली जगह में अपनी पसंद से फैलकर सोएँ।
– सोते समय दिन भर या अगले दिन के सारे काम भुला दें। इससे दिमाग़ फ़ालतू बातें सोचने से बच सकेगा।
– सोने का कमरा साफ़-सुथरा, शांत और बिस्तर आरामदायक होना चाहिए।
– सोते समय कमरे का तापमान 18 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच होना चाहिए।
– रात में सोने के लिए दोपहर की नींद त्याग दें।
– तनाव मुक्त होने के लिए कमेडी शो देखें, संगीत सुनें या कोई किताब पढें।
– शरीर से काम लें क्योंकि थकने के बाद अच्छी नींद आती है।

रोज़ कितने घंटे सोएँ

हमें प्रतिदिन 8 से 10 घंटे सोना चाहिए। इससे नींद अच्छी आती है और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है।

पूरी नींद लेने के फ़ायदे

– अच्छी और गहरी नींद सोने से शारीरिक बीमारियाँ दूर रहती हैं।
– नींद पूरी हो जाए तो शरीर फ़िट और एनर्जी से भरपूर रहता है।