स्किन एलर्जी में ड्राई स्किन या एक्ने से स्किन पर रेड स्पॉट पड़ जाते हैं और सूजन आ जाती है। ऐसी हालत में शहद के लेप से काफी राहत मिल सकती है। इसे प्राकृतिक एंटी-इंफ्लामेटरी दवा माना जाता है, हालांकि लू या सनबर्न के कारण रेड स्पॉट पड़ने पर इसका लेप नहीं लगाना चाहिए। रेड स्पॉट स्किन इंफेक्शन, एलर्जी और सूजन के अलावा ल्यूकेमिया यानी ब्लड कैंसर का भी संकेत हो सकता है। ऐसे में रेड स्पॉट पड़ने पर सावधान रहने की ज़रूरत है।

स्किन एलर्जी में शहद का लेप

स्किन एलर्जी

रेड स्पॉट ख़तरे का भी संकेत हैं

ब्लड कैंसर या मेनेंजाइटिस : रेड स्पॉट कई गंभीर बीमारियों के भी प्रारंभिक संकेत होते हैं। विषैले कीड़े-मकोड़ों के काटने से भी रेड स्पॉट हो जाते हैं। इसके अलावा ल्यूकेमिया यानी ब्लड कैंसर और मेनेंजाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों में भी स्किन पर रेड स्पॉट पड़ जाते हैं।

ब्लड प्लेटलेट्स की कमी

बच्चों के शरीर में प्लेटलेट्स की कमी के कारण रेड स्पॉट हो सकते हैं। कई बार एंटीबॉडी भी प्लेटलेट्स की संख्या कम कर देती है। विटामिन बी-12 की कमी से आरबीसी का आकार बड़ा हो जाता है और हीमोग्लोबिन कम हो जाता है।

वायरल इन्फ़ेक्शन

हरपीस बीमारी होने पर भी बच्चों की स्किन पर रेड स्पॉट पड़ जाते हैं।

ऐसा हो तो डॉक्टर को दिखाएँ

खुजली, दर्द, स्किन रैश, त्वचा पर परत आना, त्वचा फूलना, भूख न लगना, फ्लू के संकेत, तेज बुखार, कंठ सूखना, आंखें लाल होना, सर्दी व नाक बहना।

स्किन एलर्जी के बचाव – घरेलू नुस्खे

एलोवेरा और कच्चे आम

फ्लू या हीटस्ट्रोक से रेड स्किन, जलन और सूजन होने पर एलोवेरा जेल या कच्चे आम को पका कर उसके गूदे का लेप लगाने से काफी राहत मिलती है।

दिन में 10 गिलास पानी

आप जो पानी पीते हैं, वह न सिर्फ आपके शरीर को, बल्कि आपकी त्वचा को भी हाइड्रेट रखता है। दिन भर में 10 ग्लास पानी पिएं। यह सन बर्न और फ्लू से बचाएगा।