सौरमंडल में पृथ्वी के अलावा अन्य दूसरे ग्रहों पर जीवन की तलाश लगातार जारी है। वैज्ञानिक जीवन की उत्पत्ति और संरचना का रहस्य जानने के लिए बृहस्पति को खंघालने की कोशिश में हैं। इसलिए नासा का अंतरिक्ष यान जूनो ‌_ Spacecraft Juno 4 जुलाई को बृहस्पति की कक्षा में पहुंचकर उसकी परिक्रमा कर रहा है। जूनों को बृहस्पति ग्रह तक पहुंचने में 5 साल का सफ़र किया है। यह बृहस्पति तक जाने वाला दूसरा यान है।

बृहस्पति के ऊपर उड़ता अंतरिक्ष यान जूनो

अंतरिक्ष यान जूनो अभियान

– 5 अगस्त 2011 को लांच किया गया था
– वज़न 3,625 किग्रा है
– चौड़ाई 20 मीटर है
– 2.8 अरब किमी का सफ़र तय किया
– बृहस्पति की 37 परिक्रमा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है
– बृहस्पति से 4,100 किमी दूर रहेगा
– अभियान 2018 तक चलेगा
– अभियान का खर्च 1.1 अरब डॉलर है

अंतरिक्ष यान जूनो की डिज़ाइन

आठ शोध उपकरण लगाए गए हैं

– ध्रुवीय जांच के लिए पॉवरफ़ुल रंगीन कैमरा
– अल्ट्रावायलट उत्सर्जन पर शोध के लिए स्पेक्ट्रोमीटर
– आवेशित कणों की पहचान के लिए पार्टिकल डिटेक्टर
– अरोरा की तस्वीरें लेने के लिए इंफ़्रारेड मैपर
– ऊष्मा उत्सर्जन संबंधित शोध के लिए माइक्रोवेव रेडियोमीटर
– प्लाज़्मा और रेडियो तंरगों का मापन यंत्र
– चुम्बकीय कक्षा के लिए मैग्नेटोमीटर
– वज़न संबंधित शोध के लिए ग्रेविटी रेडियो सिस्टम

अंतरिक्ष यान जूनो

अंतरिक्ष यान जूनो की ख़ासियत

– जूनो को पॉवर देने के लिए तीन बड़े सोलर पैनल इस्तेमाल किए गए हैं। अंतरिक्ष यान में पहली बार इतने बड़े सोलर पैनल्स का प्रयोग किया गया है
रोमन देवता ज्यूपिटर की पत्नी जूनो के नाम पर अंतरिक्ष यान का नाम रखा गया है
– 1610 में इटैलियन खगोलशास्त्री गैलीलियो गैलिली ने बृहस्पति के चार बड़े चंद्रमा खोजे थे। जूनो में उनको समर्पित एक संदेश भेजा गया है

अंतरिक्ष यान जूनो का काम

– 618 किमी/घंटा की गति से चल रही हवाओं का अध्ययन करना
– वातावरण में पानी की जांच करना
– ग्रह के कोर की जानकारी लेना
– चुम्बकीय क्षेत्र और गुरुत्वाकर्षण को मापना
– वातावरण में उपस्थित तत्वों को जांचना, अरोरा का अध्ययन

बृहस्पति ग्रह पर एक नज़र

– पृथ्वी से 1,321 गुना बड़ा
– पृथ्वी से 317.8 गुना भारी
– पृथ्वी से 20,000 गुना अधिक गुरुत्वाकर्षण बल
– चार बड़े चन्द्रमाओं को मिलाकर कुल 67 चंद्रमा
– गैस और तरल पदार्थों से निर्मित ग्रह; जिसमें मुख्यत: हीलियम और हाइड्रोजन है

बृहस्पति पर भेजा गया पहला अंतरिक्ष यान गैलीलियो

– 8 अक्टूबर 1989 को एसटीएस-34 अभियान के तहत भेजा गया
– खगोलशास्त्री गैलीलियो गैलिली के नाम पर नामकरण किया गया
– बृहस्पति की कक्षा में 7 दिसम्बर 1995 को पहुंचा
– वातावरण में अमोनिया और क्षुद्र ग्रहों का पता लगाया
– बड़े चंद्रमाओं की जानकारी एकत्र की
– ग्रह की चुम्बकीय कक्षा की जानकारी एकत्र की
– 21 सितम्बर 2003 को नष्ट कर दिया गया

Keywords – Spacecraft Juno, Planet Jupiter, Space Science, Solar System Secrets, Universe Secrets, Nasa Juno Project

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