अक्सर जब हमें कोई काम करना होता है तो हमें उसके लिए दृढ़ इच्छा शक्ति की ज़रूरत होती है। बिना किसी प्रलोभन हम सारी शक्ति उस एक चीज़ पर एकाग्र कर लेते हैं। एक अध्ययन के अनुसार हमारे ऐसा करने से हमारी इच्छा खर्च हो जाती है। हम जितनी अधिक कोशिश करते हैं हमें उतनी अधिक थकान और शक्ति की हानि होती है।

इच्छा शक्ति

अध्ययन

1996 में रॉय बौमीस्टर _ Roy Baumeister और उनके सहयोगियों ने इच्छा शक्ति के काम करने के तरीके की जांच की। इसके लिए उन्होंने निर्दयी प्रयोग किए। इसके लिए प्रतिभागियों को इच्छा शक्ति खर्च करने के लिए एक फ़ूड चैलेंज दिया गया।

ताज़ा बनी हुई चॉकलेट कूकीज़ की ख़ुशबू वाले कमरे में 67 प्रतिभागियों को रखा गया। इसके बाद सचमुच कूकीज़ और दूसरे चॉकलेट की मिठाइयाँ कमरे में लायी गयीं।

कुछ प्रतिभागियों को चॉकलेट की मिठाइयाँ खाने को कहा गया जबकि दूसरे प्रतिभागियों को खाने के लिए मूली दी गयी।

जिन प्रतिभागियों ने मूली खायी थी, उन्होंने चॉकलेट में रुचि दिखायी, वे चॉकलेट की ओर देखते रहे और उनमें से कुछ ने उन्हें सूंघा भी।

अध्ययन का परिणाम

कूकीज़ और मूली वाले अध्ययन के बाद एक बिल्कुल ही अलग तरह का दूसरा अध्ययन किया गया। यह हठ परीक्षा वाली पहेलियाँ थीं। प्रतिभागियों को बताया गया कि इसमें उनकी बुद्धिमानी का परीक्षा ली जा रही है, जबकि इसमें देखा जा रहा था प्रतिभागी कितनी देर तक पहेली सुलझाने में रुचि दिखाते हैं।

जिन प्रतिभागियों को चॉकलेट खाने को कहा गया था, उन्होंने पहेली हल करने में औसत 20 मिनट खर्च किए। जबकि मूली खाने वाले इस समय के आस पास भी नहीं पहुंचे। औसतन उन्होंने 8 मिनट खर्च किए।

इस तरह जिन्हें चॉकलेट की मिठाइयाँ खाने के लिए तरसाया गया, उनका दूसरे काम को करने में मन नहीं लगा। उनकी इच्छा शक्ति खर्च हो गयी और वो बहुत थक गये।

अध्ययन के परिणाम की व्याख्या

यह आम मान्यता है कि इच्छा शक्ति हमारा गुण होता है, चाहे वो हमारे पास हो या न हो। जैसे किसी काम को करने के लिए हमारे पास अधिक इच्छा शक्ति हो।

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अध्ययन का केंद्र बिंदु

आत्म-नियंत्रण _ Self-control एक सामान्य शक्ति है जो तरह तरह के कामों में प्रयोग होती है और यह खर्च होती है। यह साबित होता है कि आत्म-नियमन _ Self-regulation कोई कौशल _ Skill नहीं है जिसमें निपुणता प्राप्त की जा सके। यह बिल्कुल शरीर की मांसपेशियों की तरह है, प्रयोग में लाने पर कुछ समय के लिए अपनी शक्ति खो देती हैं, थक जाती हैं और निष्क्रिय हो जाती हैं।

दूसरे शब्दों में इच्छा शक्ति कोई कौशल नहीं है। यह बिल्कुल मांसपेशियों की तरह होती है। शरीर की दूसरी मांसपेशियों की तरह अधिक काम करने पर यह थक जाती है।

इच्छा शक्ति कैसे बढ़ायें

अच्छी ख़बर यह है कि इच्छा शक्ति को अभ्यास करके बढ़ाया जा सकता है।

कोलिन रॉबर्टसन _ Colin Robertson लिखते हैं कि एक समय पर एक चीज़ पर ध्यान लगाना चाहिए। आप जब ऐसा करते हैं तो आपकी इच्छा शक्ति बढ़ जाती है।

एक से अधिक काम का बोझ ले लेने से इच्छा शक्ति खर्च हो जाती है और हम उन कामों को थकान की वजह से पूरा करने में रुचि नहीं लेते हैं।

हमारे पाठकों में से जिन्होंने जिम किया है वो जानते हैं कि शुरुआत में हम ज़्यादा वज़न बेंच प्रेसिंग में कम बार ऊपर नीचे उठा पाते थे लेकिन कुछ दिनों के अभ्यास से उतने ही वज़न को हम कई बार ऊपर नीचे उठा सकते हैं। लेकिन एक बार मसल की शक्ति क्षय हुई तो फिर वही वज़न उठाने में मुश्किल होती है।

सारांश

इसलिए अगली बार जब आप एक काम को करने पर फ़ोकस करें, तो कम से शुरु करें। अपने आप को उतना ही काम दें, जितना आप आसानी से कर सकते हैं और ऐसा करते करते आपकी इच्छा शक्ति बढ़ जाएगी। जिसके बाद आपके पास ज़्यादा काम करने के लिए पहले से ज़्यादा इच्छा शक्ति होगी।

Keywords – Strengthen Will Power, Self-control, Self-regulation