हम सभी सदा सेहतमंद रहने की राज़ जानना चाहते हैं। स्वस्थ रहने के लिए एक नहीं कई बातों का ध्यान देना होता है। जीवन में थोड़ा अनुशासन और प्रयास करना पड़ता है। कुछ सावधानियां भी रखनी पड़ती हैं। उसके बाद ही जाकर कहीं हमें स्वस्थ और निरोगी जीवन मिल पाता है। आइए आज हम स्वस्थ और सेहतमंद रहने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करें।

स्वस्थ और सेहतमंद लाइफ़

स्वस्थ और सेहतमंद जीवन का राज़

व्यक्तिगत प्रयास

१. समय पर सोना और प्रात: काल उठकर टहलने जाना और व्यायाम करना सेहतमंद रहने के लिए आवश्यक है। दिन भर  कुर्सी पर बैठकर काम करने वाले व्यक्ति को सुबह अवश्य टहलना चाहिए।

२. अपने पाचन तंत्र को स्वस्थ रखकर आप स्वस्थ और सेहतमंद रह सकते हैं। इसके लिए समय ठीक समय पर पौष्टिक आहार खाएं।

३. खाना खाने से 20 मिनट पहले पानी पिएं। खाते समय आवश्यक न हो तो पानी न पिएं। भोजन करने के बाद आधा घंटे बाद ही पानी पिएं।

४. बाहर गर्मी से आते ही पसीने से लतपत ठंडा पानी न पिएं, कूलर – एसी की हवा न खाएं, छाया में बैठकर अधिक देर तक हवा न लें। इससे सिर और छाती में दर्द उठता है।

५. एकग्रता बढ़ाने और मन को शांत रखने के लिए ध्यान और योग का सहारा लीजिए। चित्त को शांत करने वाला संगीत भी सुन सकते हैं।

६. सोने से पहले अपने मन को शांत करें। दिन भर की बातें भूलकर सोने की कोशिश करें। कुछ लोगों को सोने पहले कोई किताब पढ़ने से नींद आती है। आप भी प्रयास कर सकते हैं।

७. 40 की उम्र के बाद नियमित डॉक्टरी जांच करवाते रहें। डॉक्टरी पराशर्म का पालन करें। दी गई दवा नियमित रूप से समय पर लें। प्रकृति के पास समय बितायें। बच्चों के साथ खेलें और परिवार के अन्य सदस्यों को भी पूरा समय दें। अपने मनोरंजन का ध्यान रखें।

८. नियमित रूप से एक व्यायाम अवश्य करें। इसके लिए आधे घंटे का समय बनाएं और योग मुद्राएं बदल बदल कर करें। जैसे कभी टहलें और कभी साइकिलिंग पर जाएं। व्यायाम के लिए समय न मिल पाए तो लिफ़्ट की जगह सीढ़ियों का प्रयोग करें। एक जगह पर अधिक देर तक न बैठें। आधे घंटे बैठने के बाद थोड़ा टहल लें।

स्वस्थ और सेहतमंद जीवन

खाने पीने पर ध्यान दें

९. जंक फ़ूड, कोल्ड ड्रिंक और बनावटी चीनी से बने जूस आदि का उपयोग मत करें। तले हुए मसालेदार खाने को अधिक न खाएं, इसे पचाने में अधिक समय और मेहनत लगती है। प्रयास करें कि रात का खाना 8 बजे से पहले खाएं और यह हल्का भोजन हो।

१०. खाना पकाने के लिए असंतृप्त वेजिटेबल तेल जैसे सोयाबीन, सनफ़्लावर और मक्का या ऑलिव ऑयल के प्रयोग को प्राथमिक दें। खाने में नमक और चीनी का प्रयोग सीमित रखें।

११. ताज़ी सब्ज़ियां और फल ही खायें। खाने के मसाले, अनाज और दूसरे सामान को सही तरीके से स्टोर करें। एक्पायरी डेट वाले सामान को तारीख देखकर प्रयोग करें।

१२. खाने में सलाद, दही, दूध, दलिया, हरी शाक, साबुत दालें और अनाज का प्रयोग अवश्य कीजिए। खाना पकाने और पीने का पानी शुद्ध होना चाहिए। शाक और फलों को अच्छी तरह धोकर प्रयोग करना चाहिए।

१३. अधिक तेल मसाले से बने हुए भोजन न खाएं। खाने को सही आंच पर पकायें। अधिक देर पकाने से शाक-सब्ज़ी के पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। ओवेन के प्रयोग में तापमान का विशेषकर ध्यान दें।

साफ़-सफ़ाई

१४. जब बाहर से वापस घर आने के बाद, बाहरी वस्तु को हाथ लगाने के बाद, खाना बनाने से पहले, खाने से पहले, खाने के बाद और बाथरूम का उपयोग करने के बाद हाथों को अच्छी तरह से साबुन से धोना चाहिए। घर में छोटे बच्चे हैं तो इन बातों का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है।

१५. खाने पीने के सामान को खुला नहीं छोड़ें। कच्चे और पके हुए खाने को अलग अलग रखें। भोजन पकाने और खाने के बर्तनों, फ्रिज, ओवेन आदि की नियमित सफ़ाई करें। कभी गीले बर्तन रैक में न रखें, न ही गीले डिब्बों पर ढक्कन लगाएं।

१६. रसोई और शौचालय की नियमित रूप से सफ़ाई करें। गंदा पानी कहीं भी इकट्ठा न होने दें। सिंक और वाश बेसिन की सफ़ाई का ध्यान दें। फर्श पर पोंछा करने के लिए फिनायल का प्रयोग करें।

१७. अपने आराम करने और सोने के कमरे को साफ़-सुथरा, हवादार और खुला रखिए। चादरें, तकिए के कवर और परदों को बदलते रहिए। गद्दे को भी समय समय पर धूप दिखानी चाहिए।