डॉक्टर अक्सर रोगियों की जांच और इलाज करते समय फेस मास्क पहनते हैं। यह मास्क डॉक्टर को संक्रमण से बचाता है। इसके अतिरिक्त मास्क आपको धूल मिट्टी से भी बचाने के काम आता है। स्वाइन फ़्लू का वायरस इंफ़्लुएंज़ा ए एच1एन1 वायरस सांस के द्वारा दूसरे व्यक्ति में प्रवेश करता है, इसलिए मास्क इस वायरस से बचने का अच्छा उपाय है।

बीते सालों से भारत समेत दुनिया भर में लोग स्वाइन फ़्लू के संक्रमण में आ चुके हैं और आ रहे हैं। इसके वायरस से बचने के लिए लगातार शोध हो रहा है। अनेक अस्पतालों में डॉक्टर रोग ग्रसित मरीज़ों का जीवन बचा रहे हैं। साफ़-सफ़ाई रहने के साथ-साथ अगर मास्क का प्रयोग किया जाए तो स्वाइन फ़्लू से बच सकते हैं।

स्वाइन फ़्लू कैसे फैलता है?

– खांसने, छींकने और थूकने पर हवा और ज़मीन में स्वाइन फ़्लू के वायरस फैल जाते हैं। ये वायरस हवा में सांस के द्वारा और प्रभावित वस्तुओं को छूने पर मुँह और नाक के रास्ते व्यक्ति की बॉडी में प्रवेश करता है।

– रोग ग्रसित व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल की गई हर वस्तु और उसके आस पास की हवा में वायरस होता है। इसलिए घर के सामान, ऑफ़िस के सामान, गाड़ियां, कपड़े, बर्तन और अन्य वस्तुओं के इस्तेमाल से बचें।

स्वाइन फ़्लू मास्क की जानकारी

स्वाइन फ़्लू मास्क कैसा हो?

– स्वाइन फ़्लू संक्रमण से बचने के लिए साधारण मास्क का कोई लाभ नहीं है। आप तीन परत वाला सर्जिकल मास्क या एन-95 फेस मास्क का प्रयोग करें। एक परत वाले मास्क की 20 परते भी स्वाइन फ़्लू से आपको नहीं बचा सकती हैं।

– तीन परत वाला मास्क लगाने पर 75% और एन-95 मास्क लगाने पर 90% तक स्वाइन फ़्लू संक्रमण से बचा जा सकता है।

मास्क कैसे बांधे?

स्वाइन फ़्लू से बचने के लिए मास्क सही तरीके से पहनना चाहिए ताकि वह संक्रमण से आपकी रक्षा कर सके। मास्क को इस तरह बांधना चाहिए कि नाक और मुँह पूरी तरह ढक जाए। इसे इतना भी कसके नहीं बांधे कि वह आपकी थूक से गीला हो जाए।

मास्क कब पहनें?

१. स्वाइन फ़्लू के रोगी के साथ-साथ उनके साथ रहने वाले लोगों को मास्क पहनना चाहिए।

२. सभी सर्वजानिक स्थानों और भीड़ भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाकर ही जाना चाहिए। बात चाहे बाज़ार जाने की हो, बाहर फ़िल्म देखने जाने की।

३. अस्पताल जाने से पहले आपको स्वाइन फ़्लू मास्क ज़रूर बांधना चाहिए। अस्पताल में स्वाइन फ़्लू संक्रमित मरीज़ आते जाते रहते हैं।

४. संक्रमित मरीज़ की देखभाल करने वाले डॉक्टर, नर्स, अस्पताल का स्टॉफ़ और रोगी के संबंधियों को मास्क बांधना चाहिए।

५. वातानुकूलित (एयर कंडीशनर) बस और ट्रेन के यात्रियों को भी सुरक्षा के लिए मास्क बांधना चाहिए।

मास्क कब तक काम करता है?

– तीन परत वाला सर्जिकल मास्क 4 घंटे और एन-95 मास्क 8 घंटे काम करता है।

– 3 परत वाला सर्जिकल मास्क 4 से 6 घंटे इस्तेमाल के बाद हमारी सांस से ख़राब हो जाता है।

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ज़रूरी सावधानियां

– स्वाइन फ़्लू मास्क की जगह मलमल के कपड़े की 3-4 तहें बनाकर नाक और मुँह पर बांध सकते हैं।

– मास्क को एक बार बांधने के बाद उसे दोबारा प्रयोग करने की मत सोचें। उसे 6 घंटे प्रयोग करके जला दीजिए।

– संक्रमण के समय अगर आस पास किसी को सर्दी जुकाम हो तो मास्क ज़रूर पहनना चाहिए। दूसरों को भी मास्क बांधने की सलाह दें।

मास्क का दाम क्या है?

– तीन परत वाला सर्जिकल मास्क और एन-95 मास्क मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध रहता है। अगर यह बाज़ार में न मिल रहा हो तो आप इसे ऑनलाइन ऑर्डर कर सकते हैं।

– थ्री लेयर सर्जिकल मास्क 15 रुपये और एन-95 मास्क 100 से 200 रुपये तक हो सकती है।

इलाज से अधिक बचाव काम आता है। इस लेख में सुझाए गए उपायों पर अमल करके बहुत हद तक स्वाइन फ़्लू संक्रमण से बच सकते हैं।

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