मुस्कुराहट से चेहरे की सुंदरता भी बढ़ती है और आत्मविश्वास भी को दर्शाती है। जब हम हंसते मुस्कुराते हैं, हमारे दांत दिखते हैं। लेकिन जिनके दांत टेढ़े मेढ़े होते हैं या उनमें पीलापन होता है, तो दबी मुस्कान से ही काम चलाना पड़ता है। डर लगा रहता है अगर किसी को दांत दिख गए तो बेइज़्ज़ती हो जाएगी। आपने दांतों का पीलापन दूर करने के कई उपाय पढ़े हैं लेकिन आज हम आप बिना तार टेढ़े मेढ़े दांत सीधे करने के उपाय जानेंगे।

बिना तार टेढ़े मेढ़े दांत सीधे करें

जिनके टेढ़े मेढ़े दांत होंठों से बाहर दिखते हैं, या सामने वाले दांतों के बीच ज़्यादा गैप हो तो इससे चेहरे की सुंदर ढल जाती है। ऐसा व्यक्ति अपना आत्मविश्वास भी खो सकता है। ऐसे दांत जिसके हो उसे बोलते या खाते समय दर्द का सामना भी करना पड़ता है। अक्सर बोलचाल में भी दिक्कत होती है, उन शब्दों का उच्चारण करना भी कठिन होता है, जिनमें दांतों की आवश्यकता होती है। टेढ़े मेढ़े दांत साफ़ करने में भी मुश्किल होती है। ऐसे भी दांतों का पीलापन और उनमें कीड़े लगने की स्थिति बन जाती है। इसलिए वक्त रहते इस दिक्कत को हल करना ज़रूरी हो जाता है। इस लेख में हम आपको बिना तार टेढ़े मेढ़े दांत सीधे करने के उपाय बताने जा रहे हैं।

ब्रेसेस से दांत सीधे करना

दांत को टेढ़पन दूर करने के लिए इन पर दबाव बनाया जाता है। डेंटिस्ट दांतों की शेप ठीक करने के लिए प्लास्टिक या फिर धातु का प्रयोग करते हैं। जिसे ब्रेसेस या क्लिप कहा जाता है। दांतों को बांधने के लिए एक तार का प्रयोग करते हैं, दांतों पर दबाव बना रहे।

ब्रेसेस का प्रयोग दांतों को धीरे धीरे सीधा करने के लिए किया जाता है। यही कारण है लोग इसे सालों तक लगाये रहते हैं। ब्रेसेस लगाने पर काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा ये देखने भी अच्छे नहीं लगते हैं।

– दांतों पर 2 प्रकार के ब्रेसेस लगाए जाते हैं, 1. अस्थाई और 2. स्थाई । स्थाई ब्रेसेस लगाने पर दांतों पर इस प्रकार से दबाव पड़ता है कि दांत सही जगह की ओर खिसकने लगते हैं। दांतों के बीच गैप को दूर करने के लिए इस विधि को अपनाया जाता है।

– जब दांत के पीछे एक और दांत निकला आता है, तब सर्जरी करके पीछे वाले दांत को निकाल दिया जाता है।

दांतों को डेंटिस्ट से सही करवाने के बाद आपको नियमित रूप से उनकी जांच करवानी चाहिए। अन्यथा दुबारा दांत टेढ़े होने का ख़तरा बना रहता है।

टेढ़े मेढ़े दांत सीधे और अंदर करना

डेंटिस्ट ब्रेसेस द्वारा दांत सीधे कर देते हैं, लेकिन इसमें बहुत ज़्यादा खर्च आता है। हम आपके लिए ऐसे उपाय लेकर आए हैं जो कम खर्चीले हैं साथ ही बिना तार लगाए दांत सीधे किए जा सकते हैं।

अगर बहुत ज़्यादा ज़रूरत न हो तो दांतों पर तार बंधवाना कोई समझदारी नहीं है। और बहुत से लोग ऐसा करवाना भी नहीं चाहते हैं। अगर आप बिना तार टेढ़े मेढ़े दांत सीधा करने के तरीके जानना चाहते है, तो आलेख पढ़ते रहिए।

– टेढ़े मेढ़े दांत को सीधा करने के लिए दबाव की ज़रूरत होती है। ऐसा आप अपनी जीभ से भी कर सकते हैं। परिणाम पाने के लिए आपको लम्बे समय तक जीभ से नियमित रूप से बार बार प्रेशर बनाना होगा।

– जीभ के अलावा आप उंगली का भी प्रयोग करके दबाव बनाया जा सकता है।

– ब्रेसेस की जगह प्लास्टिक कवर और कैप का प्रयोग किया जा सकता है। ये कवर पारदर्शी होते हैं। इनका इस्तेमाल डेंटिस्ट की सलाह से किया जाता है। ये देखने में भी भद्दे नहीं लगते हैं।

दांतों पर किसी भी तरीके से दबाव बनाया जाए पर कुछ परेशानियां भी हो जाती हैं, जैसे – मसूढ़ों में दर्द और दांतों का ढीला पड़ना। इसलिए ज़रूरी है कि उपाय ठीक से किए जाएं। अगर समस्या ज़्यादा गंभीर है तो उपरोक्त उपाय अपनाने की जगह दांत के डॉक्टर से मिलिए।

छोटे बच्चों के टेढ़े दांतों का उपचार

कम उमर में ही टेढ़े दांतों का उपचार कर लेने से समस्या जल्दी ठीक हो जाती है। छोटी उम्र में जबड़े मुलायम होते है, इसलिए टेढ़े मेढ़े दांत सीधे करना आसान होता है। साथ ही समय भी कम लगता है।

– अगर बच्चे को अंगूठा चूसने, दांतों से होंट काटने और जीभ से दांतों पर बाहर ढकेलने जैसी आदते हैं तो उसे हर 6 महीने पर दांत के डॉक्टर के पास ले जाएं। समय पर बच्चों की ऐसी आदतों को छुड़वाना आसान होता है। जिससे टेढ़े दांत वापस सही हो जाते हैं।

– कुछ बच्चे मुँह से सांस लेने की आदत बना लेते हैं, जिस वजह से उनके सामने वाले दांत बाहर आने लगते हैं। समय रहते इस तरह की आदत छुटवा देनी चाहिए।

– कभी कभी दूध के दांत नहीं गिरते और उनके आगे पीछे पक्के दांत आने लगते हैं। ऐसी स्थिति में डेंटिस्ट की सलाह ज़रूरी होती है। ताकि सही उपाय किया जा सके। जिससे पक्के दांत अपने नियत स्थान पर ही निकलें।

अगर आपने ओर्थोडोंटिक्स से टेढ़े मेढ़े दांत सीधे किए हैं, तो अधिक ठंडी चीज़ें खाने परहेज़ कीजिए और टॉफ़ी, चॉकलेट, च्विंगम जैसी चीज़ों का भी सेवन न करें।