हमारा शरीर हड्डियों के ढांचे पर है, इसलिए यह बहुत ज़रूरी भाग है। हड्डियों की मज़बूती से शरीर का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। खान पान में पोषक तत्वों की कमी से हड्डियाँ कमज़ोर हो सकती हैं। कई मामलों में हड्डियों लचीलापन कम हो जाने के कारण इनके टूटने का ख़तरा बढ़ जाता है। बच्चों की हड्डियाँ नाज़ुक और कोमल होती है, जिस वजह से टूट सकती है। इस आलेख में हम टूटी हड्डी जोड़ने के उपाय जानेंगे।

टूटी हड्डी जोड़ने का सही उपाय डॉक्टर के पास ही होता है, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखकर आप बढ़ती परेशानी को कम कर सकते हैं। इसलिए आज हम आपको इस सम्बंध में प्राथमिक उपचार बता रहे हैं।

हड्डी की चोट को पहचानना

– हड्डी जहाँ से टूटी होती है, वहाँ आस पास ख़ून जमा होने जाने के कारण सूजन आ जाती है।
– हड्डी अपनी जगह से खिसक जाए तो वहाँ टेढ़ापन दिखता है।
– गंभीर मामलों में हड्डी टूटने पर एक भाग लटक जाता है, वहाँ का सेंसेशन कम हो जाता है और वो भाग नीला पड़ जाता है।
– हेयर लाइन फ़्रैक्चर के मामले दर्द के अलावा अन्य लक्षण मामूली होते हैं। इस समस्या का पता लगाने के एक्स-रे करवाना पड़ता है।

हाथ की टूटी हड्डी
Bone fracture hand

हड्डी टूटने के कारण

– प्राय: हड्डी चोट लगने के कारण टूटती है। ऐसा तब होता है, जब गिरते समय शरीर का सारा वज़न किसी एक भाग पर आ जाए और हड्डी उसको झेल न पाए।
– हड्डी पर कोई भारी वस्तु गिरने से भी फ़्रैक्चर हो जाता है।
– बढ़ती उम्र के साथ बोन डेंसिटी कम हो जाती है, जिससे हड्डियाँ कमज़ोर हो जाती हैं। गिरने, फिसलने या झटके से भी हड्डी टूट जाती है।
– कुछ बीमारियाँ ऐसी होती हैं जो हड्डियों को अंदर से खोखला कर देती हैं। खोखली हड्डियाँ मामूली चोट या झटके से टूट सकती हैं।
– बच्चे के जन्म के समय यदि दाई या नर्स ज़्यादा खींचतान करे तो नवजात की हड्डी टूटने का ख़तरा रहता है।

हड्डी फ़्रैक्चर होने पर क्या करें?

– हड्डी टूटने की स्थिति में उसको सहारा दें ताकि वो हिले नहीं और दर्द कम हो। टूटी हड्डी हिलने से टूटे हुए भाग एक दूसरे से दूर हो जाते हैं, जिनके बीच कोई नस भी फंस सकती है।
– जहाँ से हड्डी टूटी हो, उसके चारों मोटा में अखबार लपेटकर कोई सख़्त चीज़ जैसे लकड़ियाँ आदि बांधकर सहारा देना चाहिए।
– कंधे की हड्डी टूटने या खिसकने पर कपड़े, दुपप्टे या पट्टी से सहारा देना चाहिए।
– अगर टूटी हुई हड्डी स्किन और मांस फाड़ कर बाहर दिखने लगे तो इंफ़ेक्शन से बचाने के लिए उसे कपड़े से ढक देना चाहिए।

टूटी हड्डी का उपचार

– टूटी हुई हड्डी को सहारा देने के लिए उसे बांध मगर इतना टाइट न बांधे की ब्लड सर्कुलेशन बाधित हो जाए।
– अगर हड्डी टूटने पर कोई ज़ख़्म दिखे तो उसे एंटी सेप्टिक से धोकर मरीज़ को डाक्टरी इलाज उपलब्ध कराना चाहिए।
– टूटकर अलग हुई हड्डी को वापस उसी जगह लगाकर जोड़ा जा सकता है, इसलिए इसे धोकर साफ़ कपड़े में लपेट कर मरीज़ के साथ तुरंत हस्पताल पहुंचिए। ताकि इसे वापस सही जगह जोड़ा जा सके।

टूटी हड्डी जोड़ने के घरेलू उपाय

हड्डियों के पोषण और इनकी मरम्मत के लिए कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। अक्सर कैल्शियम की कमी के कारण ही हड्डियाँ कमज़ोर होकर टूटती है। फ़्रैक्चर की तेज़ रिकवरी के लिए कैल्शियम सरवोत्तम है, इसलिए डॉक्टर भी कैल्शियम की गोलियाँ देते हैं। टूटी हड्डी जोड़ने के लिए इन बातों का ध्यान रखें।

– दुग्ध डेयरी उत्पादों में कैल्शियम सबसे अधिक मात्रा में होता है।
– मांसाहारी लोग सल्मान, आइसस्टार और हिल्सा मछली खाकर कैल्शियम बढ़ा सकते हैं।
– हरी सब्ज़ियाँ भी कैल्शियम का प्रमुख स्रोत हैं।
– विटामिन डी की उपस्थिति के साथ कैल्शियम शरीर में अब्ज़ॉर्ब होता है। इसलिए भोज्य पदार्थ में विटामिन डी को भी स्थान दें। सुबह की धूप सेंकने से भी विटामिन डी मिलता है।
– गर्भवती महिलाओं की बोन डेंसिटी घटने के कारण उन्हें कैल्शियम की अधिक आवश्यकता पड़ती है, ताकि हड्डियों को मज़बूती मिले।

पैर की टूटी हड्डी
Bone fracture leg

ऑस्टियोपोरोसिस क्या है?

इस बीमारी में उम्र बढ़ने के साथ हड्डियाँ कमज़ोर होकर चिटकने लगती हैं। इससे रोग से बचने के लिए नियमित व्यायाम, योग और संतुलित आहार करना चाहिए। ताकि शरीर में कैल्शियम और वाइटमिन डी की कमी न हो सके।

टूटी हड्डी जोड़ने के आयुर्वेदिक उपाय

– हडजोड़ नाम का पौधा हड्डियों को जोड़ने की चमत्कारिक क्षमता रखता है। इसकी बूटी को पिया जा सकता है, अथवा इसका लेप भी प्रयोग किया जा सकता है। आइए आपको इसकी प्रयोग विधि के बारे में बताते हैं।

सुखायी हुई हडजोड़ की बूटी को उरद दाल के साथ पीसकर लेप तैयार कीजिए। इस लेप को टूटी हुई हड्डी पर लगाकर साफ़ कपड़ा बांध दीजिए। दो से तीन में इस लेप को बदलते रहिए। इसका प्रयोग लगातार एक महीना कीजिए। हड्डी जुड़ जाएगी। इस उपाय को करने दर्द भी ख़त्म हो जाता है। हडजोड़ का रस घी के साथ भी फ़ायदेमंद होता है।

हड्डियाँ मज़बूत करने के उपाय

– हरी सब्ज़ियाँ ज़रूर खाएँ।
– लहसुन और प्याज खाने से हड्डियों के लिए ज़रूर सल्फ़र मिलता है।
– कोल्ड ड्रिंक का अधिक सेवन न करें।
– दूध पीने की आदत बनाएँ।
– नियमित योग करें।
– विटामिन डी की पूर्ति के लिए सुबह की धूप सेंकनी चाहिए।
– शारीरिक श्रम वाले खेल खेलें और काम करें।

गांव देहातों में हड्डी जोड़ने और बैठाने वाले लोगों के पास जाने की बजाय अस्तपाल में डॉक्टर से इलाज करवाना चाहिए। ताकि टूटी हड्डी जोड़ने में किसी तरह की कोई दिक्कत न आए।

Keywords – Tuti Haddi Jodne Ka Upay, Bone Density, Bone Fracture, Calcium and Vitamin D

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