यूरिन इंफ़ेक्शन ट्रीटमेंट टिप्स: जिस तरह रुके हुए पानी में बैक्टीरिया का जमाव होने लगता है, उसी तरह देर तक पेशाब रोके रहने से भी ब्लैडर में बैक्टीरिया इकट्ठे हो जाते हैं। इन बैक्टीरिया से इंफ़ेक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है। लड़कों की अपेक्षा लड़कियों में यूरिन इंफ़ेक्शन प्राय: अधिक होता है। पेशाब में होने वाले संक्रमण को यूरिन ट्रैक्ट इंफ़ेक्शन यूटीआई ‌_ Urine Tract Infections UTI भी कहते हैं। समय पर इस संक्रमण का इलाज ज़रूरी है। इस आलेख आप यूटीआई के इलाज के घरेलू उपाय और नुस्खे जानेंगे।

पेशाब में होने वाले इंफ़ेक्शन का असर किडनी पर भी पड़ता है, जिससे किडनी फ़ेलिअर _ Kidney Failure के मामले भी सामने आते हैं। जब किडनी अपना काम ठीक नहीं कर पायेगी या फ़ेल हो जाएगी तो इससे शरीर में मौजूद टॉक्सिन यानि विषैले पदार्थ _ Toxins & Free Redicals शरीर से बाहर नहीं आएंगे। जिससे वो शरीर में घुलकर अन्य भागों में पहुंचने लगेंगे।

अक्सर आपने देखा होगा कि जब पेशाब को देर तक रोक कर रखते हैं तो पेशाब का रंग गहरा हो जाता है। इसका मतलब है कि ज़्यादा विषैले पदार्थ पेशाब में जमा हो गए हैं। जिन्हें अगर पेशाब करके बाहर न निकाला जाए तो वो गुर्दे में वापस जाने लगते हैं, जिसे रिटेंशन ऑफ़ किडनी _ Retention of Kidney कहते हैं।

पेशाब में इंफ़ेक्शन
Passing urine in public place

पुरुषों की तुलना में महिलाओं का मूत्र मार्ग छोटा होता है। पुरुषों का मूत्र मार्ग 7 सेमी और महिलाओं का 4 सेमी होता है। यही वजह है कि महिलाओं में यूरिन इंफ़ेक्शन ‌_ Urine Infection में मामले अधिक देखे जाते हैं। यूटीआई के समय सेक्स करते हुए कॉन्डम का प्रयोग ज़रूर करना चाहिए। नहीं तो यह समस्या और भी गंभीर रूप ले सकती है।

यूरिन इंफ़ेक्शन के लक्षण

पेशाब में जलन होना
– गुप्तांग पर खुजली होना
– बार बार पेशाब करने का प्रेशर बनना
– रुक रुककर पेशाब आना
– पेशाब करते हुए दर्द महसूस होना
– मूत्र का रंग गहरा पीला होना
– पेशाब से बदबू आना
– मूत्र त्याग करते हुए ख़ून आना
– ठंड लगना और बुखार आना
– थकान और कमज़ोरी महसूस होना

अगर इनमें से कोई लक्षण लगे तो जांच अवश्य करा लें।

यूटीआई होने के कारण

– ज़्यादा देर तक पेशाब रोके रखना
– शुगर के मरीज़ों को यूटीआई का ख़तरा रहता है
– पीरियड और गर्भधारण के समय यूरिन इंफ़ेक्शन के चांसेज बढ़ जाते हैं
– स्पाइनल कॉर्ड में चोट लगने से भी यूरिन ट्रैक्ट इंफ़ेक्शन हो जाता है

स्पाइनल कॉर्ड इंजरी में यूरिन इंफ़ेक्शन की वजह

Spinal Cord Injury का मतलब है रीढ़ की हड्डी में चोट लगना, जिस वजह से कभी कभी कमर के निचले भाग में लकवा मार जाता है। लकवा मारने को पैरालिसिस भी कहते हैं। जिस वजह से ब्लैडर और बाउल प्रोग्राम करने का कंट्रोल भी चला जाता है।

एससीआई SCI होने के बाद मरीज़ को यूरिन पास करने के लिए कैथिटर _ Catheter डालना, कॉन्डम कैथिटर या फिर सीआईसी करना पड़ता है। इस सब तरीकों के बाद भी यूरिन इंफ़ेक्शन का ख़तरा बना रहता है। इसलिए इन्हें प्रयोग करने से पहले इनकी अच्छे से सफ़ाई बहुत ज़रूरी होता है। जिससे उसमें जमा बैक्टीरिया ख़त्म हो जाएं।

यूरिन सैम्पल
Urine sample

एलोपैथी में यूरिन इंफ़ेक्शन का इलाज

डॉक्टर्स यूटीआई के इलाज के लिए एंटी बॉयोटिक दवाएं लेने की सलाह देते हैं, जो ब्लैडर में जमा नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया को मार देते हैं।

लेकिन एंटी बॉयोटिक दवाएं इंफ़ेक्शन की वजह का इलाज न करके सिर्फ़ बैक्टीरिया का ख़ात्मा करती हैं, जिस वजह से दुबारा इंफ़ेक्शन होने के चांसेज बने रहते हैं।

यूरिन इंफ़ेक्शन के घरेलू इलाज

एलोपैथिक मेडिसिन की जगह अगर यूटीआई का इलाज समय घरेलू उपाय करके किया जाए तो समस्या जड़ से ख़त्म हो सकती है।

1. पानी ज़्यादा पीना

यूरिन इंफ़ेक्शन का एक कारण है, बैक्टीरिया का जमाव। ज़्यादा पानी पीते रहने से बैक्टीरिया ब्लैडर में जमा नहीं होते हैं और इंफ़ेक्शन से बचाव होता है। दर्द, जलन और सूजन जैसी समस्या से निजात मिल जाती है।

सेब का सिरका मतलब एप्पल साइडर विनेगर, यूटीआई की समस्या के इलाज और गुप्तांग संबंधित अनेक समस्याओं के उपचार में काफ़ी मददगार है। 1 गिलास पानी में 2 से 3 चम्मच सेब का सिरका और आधा चम्मच शहद मिलाकर पिएं। इस उपाय को दिन में 3 बार करने से यूटीआई से निजात मिलेगी।

2. खट्टे फल खाएं

खट्टे फलों में सिट्रिक एसिड होता है जो कि बैक्टीरिया को ख़त्म करता है। पेशाब में इंफ़ेक्शन होने पर खट्टे फलों का सेवन करें और उनका रस पिएं। नींबू, संतरा और आंवला खट्टे फलों के बढ़िया उदाहरण हैं। नींबू पानी पीना यूटीआई की समस्या में बहुत लाभकारी होता है।

खट्टे फलों में विटामिन सी भी होता है जो एक प्रकार का एंटी ऑक्सीडेंट है। वाइटमिन सी बॉडी से फ्री रेडिकल्स को बाहर करके इम्यून सिस्टम को स्ट्रांग बनाता है। जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।

3. बेकिंग सोडा

हमारी बॉडी में एसिड का बैलेंस बनाए रखने में बेकिंग सोडा काफ़ी कारगर है। यूरिन ट्रैक्ट इंफ़ेक्शन के इलाज में 1 गिलास पानी में आधा चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर दिन में 2 बार पीना चाहिए।

Cranberry Juice
Cranberry Juice

4. क्रैनबेरी जूस

मूत्र में संक्रमण को रोकने और इसके इलाज में क्रैनबेरी जूस _ Cranberry Juice पीना अच्छा उपाय है। अगर आप इसे यूं ही न पी पाएं तो सेब के जूस में मिलाकर पी सकते हैं।

यूरिन में इंफ़ेक्शन का उपचार अन्नानास से भी किया जा सकता है। अन्नानास गुप्तांग के बैक्टीरिया को ख़त्म करने में असरदार है। इससे आप ऐसे ही खा सकते हैं और जूस भी पी सकते हैं।

5. लस्सी

लस्सी या छाछ यूटीआई की समस्या होने पर ज़रूर पीनी चाहिए। ये ब्लैडर में पनप रहे बैक्टीरिया को बाहर कर देती है। इसके अलावा पेशाब में होने वाली जलन से भी राहत देती है।

यूटीआई के समय दही का प्रयोग कर सकते हैं, दही खाने से शरीर में हानिकारक बैक्टीरिया नहीं पनपते हैं।

ब्लैडर में इंफ़ेक्शन होने पर प्याज का सेवन भी उत्तम है, प्याज बॉडी से टॉक्सिन और फ्री रेडिकल्स को बाहर निकालने में मदद करता है।

पेशाब करना
Passing urine in clean toilet

यूरिन इंफ़ेक्शन से बचने के उपाय

– तेज़ पेशाब लगने पर उसे रोके नहीं और तुरंत पेशाब जाएं।
– यूटीआई से बचने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा पानी पिएं।
– संभोग के बाद पेशाब ज़रूर करें और गुप्तांगों की सफ़ाई अवश्य करें।
– पेशाब करने के लिए साफ़ बाथरूम का प्रयोग करें और बाथरूम हमेशा साफ़ रखें।
– खुली जगहों पर पेशाब करने से बचें।
– पब्लिक ट्वायलेट में पेशाब करने से पहले फ़्लश चलाएं और उसके दो मिनट बाद पेशाब करें।
– रोज़ाना नहाएं और अपने गुप्तांगों को साफ़ रखें।
– सूती कपड़े से बने अंडर गार्मेंट पहनें ताकि त्वचा सूखी रहे और बैक्टीरिया जमा न हो सके।

यूटीआई से समय सावधानियां

पेशाब में इंफ़ेक्शन होने पर चाय, कॉफ़ी और चॉकलेट से परहेज़ करें।

यूरिन इंफ़ेक्शन में खानपान

आजकल खाने पीने की हर चीज़ में मिलावट सामने आ रही है। गेहूँ, दाल, चावल, सब्ज़ियां और फल ये सब उगाने के लिए केमिकल खाद का प्रयोग किया जा रहा है। जिससे सब्ज़ियों के पौष्टिक तत्व नष्ट हो रहे हैं और यूरिया का ज़हर उनमें समा रहा है। ऊपरी कीटनाशकों के छिड़काव के असर को बेअसर करने के लिए सब्ज़ियों को धोना और अच्छे से पकाना चाहिए।

प्रकृति ने हमारा पाचन तंत्र इस तरह डिज़ाइन किया है कि शरीर में पहुंचने वाले अधिकांश हानिकारक तत्व शरीर से मल मूत्र के द्वारा बाहर निकाल दिए जाते हैं।

पेशाब में संक्रमण को दूर करने के अन्य उपाय

वैसे तो घरेलू नुस्खे आयुर्वेदिक से प्रेरित हैं, पर आयुर्वेदिक मेडिसिन द्वारा यूटीआई का ट्रीटमेंट किया जा सकता है। बाबा रामदेव पतांजलि शॉप या किसी पंसारी की दुकान पर ये दवाएं आसानी से उपलब्ध हैं। इन्हें शुरु करने पहले इनके बारे में पूरी जानकारी जरूर करें।

होम्योपैथिक इलाज से भी यूरिन इंफेक्शन का इलाज संभव है। इसकी अधिक जानकारी के लिए नज़दीकी होम्योपैथी डॉक्टर से मिलें। बिना डॉक्टरी सलाह के दवा का प्रयोग न करें।