कई बार कपड़ों के फ़ैब्रिक के कारण एलर्जी हो सकती है। सर्दियाँ आते ही वॉर्डरोब में कई महीनों से रखे वुलन कपड़े निकलने लगते हैं। आमतौर पर वुलन कपड़ों को वॉर्डरोब से निकालते ही धूप दिखाना होता ताकि उनकी नमी गायब हो जाए और साथ ही सभी कीटाणु भी मर जाएँ। इससे एलर्जी जैसी समस्या से निजात मिल सके। इसके बावजूद वुलन पहनते ही अगर चेहरे पर रेडनेस, रैशज और खुजली, खराश, नाक बंद होना जैसी दिकक्तें पेश आती हैं तो समझ जाइए कि आपको वुलन एलर्जी है। आइए जानते हैं कि इस प्रॉब्लम से कैसे बचा जा सकता है?

वुलन एलर्जीवुलन एलर्जी की पहचान और सुरक्षा

वुलन एलर्जी के लक्षण

डॉक्टरों के मुताबिक वुलन और शरीर के बालों के बीच होने वाले खिंचाव से एलर्जी की प्रॉब्लम आती है। उस जगह की स्किन रेड हो जाती है और छोटे छोटे दाने निकलने लगते हैं, जिनमें लगातार खुजली होती रहती है। यह एलर्जी आमतौर पर दो तरह के लोगों को होती है। पहली जिनकी स्किन सेंसटिव होती है और दूसरी जिनकी स्किन ड्राई होती है। ज़्यादातर महिलाओं, बच्चों और बूढ़ों को यह प्रॉब्लम होती है। इस एलर्जी का कोई परमानेंट इलाज नहीं है। दवाइयाँ थोड़े समय के लिए इससे राहत दिला सकती हैं लेकिन असर ख़त्म होते ही वह फिर से हो जाती है।

वुलन एलर्जी के बचाव

1. गुनगुने पानी से नहाएँ

अगर आपकी स्किन रूखी है तो तो आप पूरे शरीर पर ग्लिसरीन और गुलाब जल का मिश्रण लगाएँ। साथ ही बहुत ज़्यादा गर्म पानी से न नहाएँ।

2. ऑलिव आयल से मसाज करें

एलर्जी वाली स्किन पर ऑलिव ऑयल मसाज बेहद फ़ायदेमंद होती है। विटामिन-ई युक्त नाइट क्रीम चेहरे और शरीर पर लगाएँ।

3. स्किन मॉइश्चराइज़र लगाएँ

वुलन पहनने से पहले स्किन पर कोल्ड क्रीम या मॉइश्चराइज़र रोज़ाना लगाएँ। हल्के गीले शरीर में ही मॉइश्चराइज़र का उपयोग करें।

4. देखभाल कर ऊनी कपड़े ख़रीदें

वुलन कपड़े एलर्जी की वजह नहीं बनते। कुछ ही वुलेन ऐसी होती है। अगर आप यह जानते हैं कि किस तरह के वुलेन फ़ैब्रिक से आपको दिक्कत है तो आप उससे बचे रह सकते हैं।

5. कॉटन इनर-वियर पहनें

जिन लोगों को ऊनी कपड़ों से एलर्जी की समस्या रहती हो, उनको फ़ुल स्लीव्स के कॉटन इनर-वियर पहनना चाहिए। इससे स्किन वुलेन के सीधे टच में नहीं आएगी।