एक्स्पर्ट यह मानते हैं कि योग के अनेक लाभ हैं, नियमित योग के अभ्यास से लाइलाज बीमारियों का भी इलाज सम्भव हो पाया है। योग मानव शरीर के लिए एक ऐसी अद्वितीय प्रक्रिया है, जिससे मनोविकारों का शमन होता है। वर्तमान समय में मानव कई मानसिक तनाव से ग्रसित रहता है, जिससे वह कई शारीरिक और मानसिक परेशानियों से घिर जाता है। कभी कभी ये परेशानियां इतनी अधिक बढ़ जाती हैं कि इनका इलाज भी सम्भव नहीं हो पाता, तब योग उस औषधि के रूप में हम सबके सामने आता है। आज मैं आप सबको नियमित योग के 13 लाभ बताने जा रही हूँ। यह लाभ आपको योग करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

नियमित योग के लाभ

नियमित योग के लाभ

1. शांत मन एवं चित्त

योग का केंद्रीय बिंदु है – ध्यान एवं श्वसन क्रिया, यह दोनों ही चीज़ें आपके मन व चित्त को स्थिर कर आपको शांति प्रदान करती हैं। हावर्ड विश्वविद्यालय के शोध से यह प्रमाणित हो चुका है कि ध्यान से हर व्यक्ति को लाभ मिलता है और मानव चिंता एवं तनाव से मुक्त रहता है। नियमित योग से मन शांत रहता है, शरीर में रक्त प्रवाह ठीक प्रकार से होता है और शरीर को ऊर्जा मिलती है। अगर आप ज़्यादा कुछ नहीं कर सकते तो सिर्फ़ ध्यान और प्राणायाम करें, यह मानसिक शांति एवं शक्ति के लिए बहुत ही अच्छा है।

2. एकाग्रता

मैसेचुसिट्स जेनरल हॉस्पिटल के इस शोध में यह बात प्रमाणित हो चुकी है कि जिन्हें नींद न आती हो और जिनका मन अशांत रहता हो, उनके लिए ध्यान बहुत ही उपयोगी दवा है। ध्यान से एकाग्रता लाने में मदद होती है। स्टूडेंट्स हो या ऑफिस वर्कर हर कोई एक बेहतर जीवन जीने के लिए योग को अपनाकर लाभांवित हो सकता है और जिससे उनकी कार्य क्षमता भी बढ़ जाती है। नियमित योग के अभ्यास से मन को एकाग्रचित करना सम्भव है।

3. पेशीय शक्ति का निर्माण

ACEFitness के एक शोध रिपोर्ट के अनुसार दो ग्रुप बनाकर उन पर अध्ययन किया गया। जिसमें से एक ग्रुप ने योग नहीं किया और दूसरे ग्रूप ने कई हफ़्तों तक योग किया। बाद में जब दोनों ग्रुप ने एक ही तरह की जिम एक्सरसाइज़ की तो योग करने वाले ग्रुप की परफ़ॉरमेंस पहले से बेहतर हो चुकी थी।

योग की विभिन्न मुद्राएँ और आसन आपके शरीर को शारीरिक रूप से और मानसिक रूप से मज़बूत बनाते हैं। योग के नियमित अभ्यास से मांसपेशियों में विभिन्न प्रकार के तनाव, दबाव और खिंचाव का अनुभव होता है, तब आपकी मांसपेशियों मज़बूत होने लगती हैं। नियमित योग करने से शरीर में लचीलापन आता है, जिससे चोट लगने की संभावना कम हो जाती है।

4. लचीला शरीर

योगाजरनल के एक गहन लेख में शारीरिक लचीलेपन के बारे में और योग के सम्बन्ध में पूरी जानकारी देते हुए कहा गया है कि शरीर के वे सारे जोड़ जो कई सालों से जाम हो गए और मांसपेशियां जो अकड़ गयीं, वे सब योग के अभ्यास से खुलने लगती हैं जिससे शरीर ज़्यादा लचीला और फुर्तीला रहता है।

5. उठने बैठने मुद्राओं में सुधार

नियमित योग का अभ्यास करने से आप अपने शरीर के प्रति जागरूक रहने लगते हैं। आप कैसे बैठ रहे हैं, कैसे उठ रहे हैं – इन बातों का ध्यान रखने लगते हैं। जब आपको आभास होता है कि आपके खड़े होने, बैठने या लेटने की मुद्रा सही नहीं है तो आप उसमें आपेक्षिक सुधार कर लेते हैं।

6. जोड़ों के दर्द में आराम

जब आपकी मांसपेशियां मज़बूत होती है और आपकी सेहत सुधरती है तब आपके जोड़ भी मज़बूत हो जाते हैं। जैसे जैसे जोड़ को बांधने वाले लिगामेंट्स या तंतु मज़बूत होने लगते हैं वैसे वैसे आपके जोड़ों का दर्द जाता रहता है।

7. रीढ़ की हड्डी की सुरक्षा

मेडिकल न्यूज़ टुडे में प्रकाशित एक लेख में रीढ़ की हड्डी, योग और इससे जुड़े फ़ायदों के बारें में पूरी तरीक़े से समझया गया है। जब आपका उठना बैठना सही तरीकों से या नियमित दिनचर्या सही तरीक़े से चलने लगती है तो आधी समस्या स्वयं ख़त्म हो जाती है। रीढ़ की हड्डी को सपोर्ट करने वाली मांसपेशियाँ मज़बूत होने लगती हैं और पीठ मज़बूत हो जाती है।

8. सही रक्त संचार

1990 से 2009 के बीच में योग और जीवनस्तर पर किये गए कई शोध से यह बात सामने आयी है कि योग रक्तसंचार को बेहतर करता ही है, साथ में रक्त में हीमोग्लोबिन और लाल रक्त कणिकाओं की मात्रा को भी बढ़ाता है। एक शोध पत्र के अनुसार नियमित योग से शरीरिक रक्त संचार बढ़ता है, मांसपेसियों के तनाव और संकुचन से जो स्थिति बनती है वह रक्त संचार को बढ़ाती है, और स्वसन क्रिया से ख़ून में ज़्यादा मात्रा में ऑक्सीजन जाती है और आपका शरीर ज़्यादा ऊर्जावान महसूस करता है।

9. रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि

स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है, जब आप पूर्ण रूप से प्रसन्न रहते हैं तब आपके शरीर में रक्त संचार बढ़ जाता है और शरीर से विषाक्त तत्व बहार निकल जाते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।

10. नियंत्रित रक्तचाप

एक बेहतर जीवनशैली जीने के लिए स्वस्थ, हष्टपुष्ट और तनाव मुक्त रहना अति आवश्यक है। इसके लिए ज़रूरी है कि नियमित योग का अभ्यास करें, क्योंकि योग के द्वारा रक्त संचार में सुधार और धमनियों का शुद्धिकरण होता है और रक्त में कॉलेस्ट्रोल की मात्रा कम होती है और आपका ब्लड प्रेशर ठीक होने लगता है।

11. अनिद्रा की समस्या से छुटकारा

जब आप शारारिक रूप से स्वस्थ और तनाव मुक्त रहते हैं, तब आपका चित्त और मन भी शांत रहता है। नियमित योग के अभ्यास से आपको नींद भी बेहतर आती है। अच्छी नींद आपको शारीरिक और मानसिक रूप से चुस्त और तंदुरुस्त बनाती है।

12. फेफड़े में अधिक ऑक्सीजन

नियमित प्राणायाम के अभ्यास से आपका शरीर स्वस्थ रहता है और फेफड़ों में ऑक्सीजन लेने की क्षमता बढ़ती है। इस तरह से एक सामान्य स्थिति में हम जितनी मात्रा में साँस अन्दर नहीं लेते, उतनी प्राणायाम के समय लेते हैं। इससे आपके फेफड़ों की ऑक्सीजन लेने की क्षमता यानि लंग वॉल्यूम बढ़ जाता है।

13. निरोगी जीवन

नियमित योग का अभ्यास आपकी सहन शक्ति और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर योग आपको निरोगी और दवाओं से मुक्त रखता है। योग एक ऐसा व्यायाम है जिससे आप जीवनशैली को बेहतर बना सकते हैं, इसलिए योग करें और निरोगी रहें।